प्रयागराज: प्रयागराज के झूंसी स्थित कनिहार क्षेत्र को अब सिर्फ हरियाली वाला इलाका नहीं, बल्कि शहर के नए प्राकृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। नगर निगम 150 एकड़ से ज्यादा जमीन में करीब 136 करोड़ रुपये की लागत से बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने की योजना बना रहा है। यहां स्थानीय पेड़-पौधों, पक्षियों और तितलियों के संरक्षण के साथ लोगों के घूमने-फिरने की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
कनिहार में 150 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनेगा पार्क
प्रयागराज के नगर निगम की योजना के मुताबिक झूंसी के कनिहार क्षेत्र में 150 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 136 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। नगर निगम ने इसे शहर के लोगों के लिए प्राकृतिक माहौल में समय बिताने और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रमुख केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई है। कनिहार नगर निगम के क्षेत्र में आता है और सरकारी रिकॉर्ड में भी कनिहार को प्रयागराज के नगर निगम वार्डों में शामिल किया गया है।
पेड़-पौधे के साथ जैव विविधता पर भी रहेगा जोर
प्रयागराज के झूंसी में बनने वाले इस पार्क में केवल सजावटी पौधे लगाने के बजाय स्थानीय और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने की योजना है। इसके साथ ही पक्षियों और तितलियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसका पार्क का मकसद स्थानीय जैव विविधता को बचाने के साथ शहर में एक ऐसा स्थान तैयार करना है, जहां लोगों को प्राकृतिक माहौल भी मिले। इस पार्क के बनने के बाद प्रयागराज के लोगों के लिए यह केंद्र पर्यटक स्थल बन सकता है।
तालाब, जलाशय और बारिश के पानी का इंतजाम
पार्क की योजना में जलाशय और छोटे तालाब विकसित करने की बात भी सामने आई है। बारिश के पानी को जमा करने और प्राकृतिक जल निकासी की व्यवस्था भी की जा सकती है।इससे एक तरफ पार्क की हरियाली को बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ पक्षियों और दूसरे जीवों के लिए पानी का प्राकृतिक स्रोत तैयार होगा।
घूमने वालों के लिए भी होंगी कई सुविधाएं
बायोडायवर्सिटी पार्क को सिर्फ पेड़-पौधों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। योजना में नेचर पाथ, बैठने की जगह, छायादार क्षेत्र, पेयजल, शौचालय और रोशनी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।बच्चों के लिए प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों की जगह, योग और ध्यान के लिए स्थान तथा साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
कनिहार झील को भी पर्यटन स्थल बनाने की योजना
कनिहार क्षेत्र को विकसित करने की योजना पहले भी सामने आ चुकी है। जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम ने कनिहार झील और आसपास के 150 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बताई थी। इसमें बोटिंग, हर्बल और रोज गार्डन, स्ट्रीट लाइट और खाने-पीने की सुविधाओं जैसी योजनाएं भी शामिल थीं। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत करीब 132 करोड़ रुपये बताई गई थी।
अब सितंबर की ताजा जानकारी में बायोडायवर्सिटी पार्क के लिए लागत करीब 136 करोड़ रुपये बताई गई है। यानी योजना के दायरे और लागत में बदलाव हो सकता है; इसे अभी अंतिम तैयार परियोजना मानना सही नहीं होगा।
टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद
नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पार्क के विकास के लिए टेंडर प्रक्रिया करीब एक महीने में शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद परियोजना के डिजाइन, काम के चरण और निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी। शहर में पार्क और पर्यावरण से जुड़े दूसरे काम भी चल रहे हैं। हाल में प्रयागराज में 34 बुनियादी ढांचा और सौंदर्यीकरण कार्यों को मंजूरी दी गई थी, जिसमें पार्क विकास भी शामिल है।










