उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने एक ऐसा फैसला लिया है। जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। सपा ने रिलायंस से जुड़े कॉरपोरेट एग्जीक्यूटिव धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। उसके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को भी प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों ने 30 सितंबर को नामांकन दखिल किया।
कौन है धनराज नथवानी
धनराज नाथवानी रिलायंस समूह से ग्रुप प्रेसिडेंट है और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड समेत समूह से जोड़ी कंपनियां में निर्देशक की भूमिका निभाते हैं। वह राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्री के कॉरपोरेट अफेयर्स से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी परिमल नाथवानी के बेटे है। धनराज गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
अखिलेश यादव ने क्यों चुना उद्योग जगत से जुड़ा चेहरा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले को उद्योग और राजनीति के बीच संवाद बढ़ाने से जोड़कर समझाया है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में रोजगार और आर्थिक विकास के लिए उद्योग और निवेश की जरूरत है उन्होंने समाजवादी विचारधारा के संबंध में समृद्धि और समानता को साथ लेकर चलने की बात कहीं।
मायावती ने साधा निशाना
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सपा के इस फैसले की आलोचना की है, उन्होंने आरोप लगाया है कि सपा PDA की राजनीति में बात करती है, लेकिन राज्यसभा के लिए परिवार और बड़े उद्योग जगत से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देती है। ये मायावती की राजनीतिक आलोचना है, जिसे सपा के फैसले की स्वतंत्र तथ्यात्मक व्याख्यात्मक से अलग देखना चाहिए।
2027 से पहले सपा की रणनीति
धनराज नथवानी को टिकट दिए जाने को सपा की व्यापक राजनीतिक और आर्थिक पहुंच बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के नेताओं ने इसे कॉरपोरेट और उद्योग जगत से संवाद बढ़ाने का संकेत बताया है। वहीं विपक्षी दल इस फैसले को सपा की PDA राजनीति के संदर्भ में सवालों के साथ देख रहे है। इस तरह नथवानी की उम्मीदवारी केवल एक राज्य सभा टिकट नहीं, बल्कि 2027 से पहले सपा के राजनीति संदेश का भी हिस्सा बन गई है।









