---Advertisement---

CJP प्रदर्शन के दूसरे दिन फीका पड़ा आंदोलन

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दूसरे दिन अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला। पार्टी ने जंतर- मंतर पर प्रदर्शन के लिए समर्थकों को जुटाने की अपील की थी, लेकिन कड़ी पुलिस व्यवस्था बैरिकेडिंग और हिरासत की कारवाई के बीच प्रदर्शनकारी एक जगह बड़ी संख्या में एकत्रित नहीं हो सके।

जंतर मंतर पर पुलिस की सख्ती से नहीं जुटी बड़ी भीड़

10 अक्टूबर को CJP ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया था। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य प्रमुख प्रमुख नेताओं को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद प्रदर्शन की अगुवाई की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे को दी गई है। हालांकि पुलिस की निगरानी और जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड के कारण समर्थको को एक स्थान पर इकट्ठा होने में परेशानी हुई और कुछ जगह पर छोटे समूह ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन जुलाई में पेपर लीक के मुद्दे पर पर हुए आंदोलन जैसी भीड़ दिखाई नहीं दी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन

का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। पार्टी और प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमिताओं का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, हालांकि मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष अलग है यह विवाद अब राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है।

दूसरे दिन भी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

रविवार 11 अक्टूबर को भी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर की ओर ओर बढ़ने के दौरान 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। कई छात्रों के संगठनों के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल थे। दिल्ली में भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी गई। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो सेवाएं सामान्य रखने को निर्देश दिए।

नेताओं की रिहाई के बाद भी जारी रखने का ऐलान

CJP के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को अदालत से रिहाई मिली। इसके बाद पार्टी के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन जारी रखने की बात का कहीं और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए वहीं, पार्टी की ओर से आगे के प्रदर्शन की विस्तृत रणनीति स्पष्ट नहीं की गई थी। इस घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या CJP मतदाता सूची के मुद्दे पर पहले जैसा जन समर्थन जूटा पाएगी या आंदोलन सीमित विरोध तक ही रह जाएगा।

Follow Us On

---Advertisement---

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment