नैनी के अरैल स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम में विजयादशमी की तैयारियां तेज। वरिष्ठ कलाकार बना रहे रावण का विशाल पुतला, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप भी रहेंगे आकर्षण का केंद्र।
प्रयागराज, 19 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन की तैयारियां तेज हो गई हैं। नैनी के अरैल स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम परिसर में इस बार 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके लिए कलाकार विशाल पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दशहरे के दिन यानी 20 अक्टूबर को रात 8 बजे आश्रम के ध्यान हॉल के सामने रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां आश्रम परिसर में चल रही हैं।
महर्षि महेश योगी आश्रम में तैयार हो रहा 50 फीट ऊंचा रावण
विजयादशमी के पर्व को देखते हुए आश्रम परिसर में रावण का विशाल पुतला तैयार किया जा रहा है। कलाकार पारंपरिक तरीके से पुतले का निर्माण कर रहे हैं। इसकी ऊंचाई लगभग 50 फीट रखी गई है। पुतले के विभिन्न चेहरों को आकर्षक रूप देने के लिए विशेष रूप से काम किया जा रहा है।
रावण के पुतले को तैयार करने में कई कलाकार जुटे हैं। स्थानीय समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, आश्रम प्रभारी सुनील श्रीवास्तव और बसंत दास के निर्देशन में तैयारियां की जा रही हैं। कलाकारों का प्रयास है कि दशहरे के दिन तक पुतला पूरी तरह तैयार हो जाए और निर्धारित समय पर कार्यक्रम आयोजित किया जा सके।
इन कलाकारों के जिम्मे है पुतला बनाने की जिम्मेदारी
रावण के विशाल पुतले को तैयार करने में कई कलाकार अपनी भूमिका निभा रहे हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, निरंजन पाणिग्रही, अजय कुमार पांडा, सुकांत महापात्र, सचिन पांडा, आशीष कुमार मिश्रा, वेद प्रकाश, गोविंद भतुराई, रमेश महापात्र और संजय श्रीवास्तव पुतला निर्माण से जुड़े प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं।
कलाकार पुतले की बनावट और उसके विभिन्न हिस्सों को तैयार करने में लगे हैं। दशहरा जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व पर रावण के पुतले का दहन आयोजन का प्रमुख आकर्षण होता है। ऐसे में पुतले को समय पर तैयार करना आयोजन से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप भी रहेंगे मौजूद
आश्रम में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रकाशित समाचार के अनुसार, आश्रम परिसर में इन स्वरूपों की उपस्थिति में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विजयादशमी की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाना और लोगों तक धर्म की जीत का संदेश पहुंचाना है। हालांकि, आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संभावित संख्या और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है विजयादशमी
विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन लंकापति रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत स्थापित की थी।
इसी मान्यता के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में दशहरे के अवसर पर रामलीला का मंचन और रावण दहन किया जाता है। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाती है।
प्रयागराज में भी दशहरे के दौरान अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नैनी के अरैल स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम में होने वाला रावण दहन भी इसी परंपरा का हिस्सा है।
20 अक्टूबर को रात 8 बजे होगा कार्यक्रम
महर्षि महेश योगी आश्रम में रावण दहन का कार्यक्रम 20 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजे आयोजित करने की जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में दी गई है। कार्यक्रम ध्यान हॉल के सामने प्रस्तावित है। आयोजन से जुड़े लोग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।












