शिक्षा व्यवस्था के सुधार और NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 11वें दिन में पहुंच गई है। लगातार बिगड़ती सेहत के बीच सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी है अनिश्चितकालीन अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पैरोकार सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कार्यक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। उनका यह आंदोलन NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर चल रहा है। इस प्रोटेस्ट में कॉक्रोच जानता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल है । प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
11वें दिन स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
भूख हड़ताल के 11वें दिन सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। आयोजकों के अनुसार उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है। साथ ही ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य मानकों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?
आंदोलनकारी केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि:
- NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की पूरी जवाबदेही तय की जाए।
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार किए जाएं।
- परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए।
- शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग पर भी आंदोलन जारी है।







