नई दिल्ली: सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों अगर किसी एक क्रिएटर की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह हैं Aryan Kelvin, जिनका असली नाम अमन पंडित है। झारखंड के धनबाद से आने वाले इस युवा कंटेंट क्रिएटर ने कुछ ही वर्षों में करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। उनकी कॉमेडी रील्स अक्सर 5 करोड़, 10 करोड़ और कई बार 30 करोड़ से भी ज्यादा व्यूज तक पहुंच जाती हैं। यही वजह है कि इंटरनेट पर उन्हें “Instagram का Algorithm King” कहा जाने लगा है। हालांकि यह कोई आधिकारिक टाइटल नहीं, बल्कि सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा दिया गया लोकप्रिय नाम है।
नाम ले देने से वीडियो वायरल हो जाएगा” – आखिर यह ट्रेंड शुरू कैसे हुआ?
पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर एक अजीब ट्रेंड देखने को मिला। कई क्रिएटर्स का दावा था कि अगर वे अपनी वीडियो में “Aryan Kelvin” का नाम ले लें या उनके बारे में बात करें, तो वीडियो की रीच बढ़ जाती है। इसी वजह से उनका नाम हर जगह वायरल होने लगा। हालांकि Instagram या Meta ने कभी इस बात की पुष्टि नहीं की कि किसी का नाम लेने से एल्गोरिदम बदल जाता है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से Aryan Kelvin की जबरदस्त लोकप्रियता और उनकी लगातार वायरल होती रील्स की वजह से बना। हाल ही में News Pinch को दिए एक इंटरव्यू के बाद भी उनका नाम और ज्यादा चर्चा में आ गया, जहां उन्होंने अपनी कंटेंट जर्नी, वायरल होने की रणनीति और सोशल मीडिया से जुड़े कई अनुभव साझा किए।
लोगों को वही दिखाओ, जो उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़ा हो” – यही है Aryan Kelvin की सबसे बड़ी ताकत
Aryan Kelvin की सफलता किसी महंगे कैमरे या बड़ी टीम की वजह से नहीं आई। उन्होंने शुरुआत एक साधारण मोबाइल फोन से की और लगातार वीडियो बनाते रहे। उनकी सबसे बड़ी ताकत है रिलेटेबल कंटेंट। उनके वीडियो में गांव, कस्बे, मजदूर, मिडिल क्लास परिवार, दोस्ती, रिश्तेदारी, पड़ोस और आम भारतीय जीवन की झलक देखने को मिलती है। दर्शकों को लगता है कि यह कहानी उन्हीं की है, इसलिए लोग वीडियो पूरा देखते हैं, शेयर करते हैं और दोस्तों को भेजते हैं। सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि उनकी हाई एंगेजमेंट रेट की सबसे बड़ी वजह यही ऑडियंस कनेक्शन है।
अगर वीडियो नहीं चल रही तो वही कंटेंट बार-बार मत बनाओ” – इंटरव्यू में बताई वायरल होने की तकनीक
News Pinch को दिए इंटरव्यू में Aryan Kelvin ने बताया कि केवल रोज वीडियो डालना सफलता की गारंटी नहीं है। अगर लगातार कंटेंट पर रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है, तो क्रिएटर को अपना आइडिया, स्क्रिप्ट और प्रेजेंटेशन बदलना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो की शुरुआत यानी पहले कुछ सेकंड सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। अगर शुरुआत में दर्शक रुक गया, तो वीडियो के वायरल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑब्जर्वेशन सबसे बड़ा हथियार है। जो बातें आम लोग रोज देखते हैं लेकिन नोटिस नहीं करते, वही बातें अगर मजेदार अंदाज में वीडियो में दिखाई जाएं, तो लोग तुरंत जुड़ जाते हैं। यही कारण है कि उनकी अधिकांश रील्स करोड़ों लोगों तक पहुंचती हैं।
धनबाद से करोड़ों फॉलोअर्स तक का सफर, लेकिन सफलता के साथ चुनौतियां भी आईं
Aryan Kelvin की कहानी यह साबित करती है कि छोटे शहर से आने वाला कोई भी युवा आज डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बना सकता है। लगातार मेहनत, नियमित पोस्टिंग, ऑरिजिनल स्क्रिप्ट, ऑडियंस की पसंद को समझना और कभी हार न मानना उनकी सफलता के सबसे बड़े कारण रहे हैं। हाल के महीनों में उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कॉपीराइट स्ट्राइक और अस्थायी सस्पेंशन जैसी चुनौतियां भी सामने आईं, जिनका जिक्र उन्होंने इंटरव्यू में किया। इसके बावजूद उन्होंने कंटेंट बनाना नहीं छोड़ा। आज उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं और उनकी हर नई वीडियो का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। Aryan Kelvin की कहानी सिर्फ एक वायरल क्रिएटर की नहीं, बल्कि उस नई डिजिटल पीढ़ी की है जिसने यह साबित कर दिया कि सही आइडिया, लगातार मेहनत और ऑडियंस से जुड़ाव किसी भी छोटे शहर के युवा को देशभर में पहचान दिला सकता है।








