देश में मतदाता सूची में पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की हैं। संजय सिंह ने अपने पत्र में मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही करवाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया उनका कहना है कि यह विशेष लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़े हैं। इसलिए इन पर संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। संजय सिंह चाहते हैं कि सरकार इन सवालों पर अपना पक्ष रखें और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिताओं पर चर्चा के लिए उचित कदम उठाए। इस मांग के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री का ध्यान उन मुद्दों की ओर आकर्षित किया है। जिन्हें लेकर विपक्ष दल लगातार सवाल उठा रहे है।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर जताई चिंता
संजय सिंह ने अपने पत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (SIR) का जिक्र करते हुए। सवाल उठाए हैं उन्होंने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का मुद्दा गंभीर है और इसकी पारदर्शिता पर चर्चा जरूरी है उनके मुताबिक के इस तरह के मामलों में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए की कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे। हालांकि, नाम हटाए जाने की प्रक्रिया और उसके कारणों को लेकर संबंधित पक्षों के बीच मतभेद है।
प्रदर्शनकारियों पर कारवाई का भी जिक्र किया
AAP सांसद ने पत्र में विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत मेरे लिए जाने और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध तर्ज करने का अधिकार है। ऐसे मामलों में प्रशासन की कार्रवाई और नागरिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। यह मुद्दा ऐसे समय सामने सामने आया है जब दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया को समय विपक्षी दल और प्रदर्शनकारियों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
संसद के विशेष सत्र पर चर्चा चाहते हैं संजय सिंह
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है की इन मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। उनकी मांग है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई पर जुड़े सवालों पर सरकार अपना पक्ष रखें। इस मांग पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किसी जवाब की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।










