दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से पहले भारतीय रेलवे इसी रूट पर एक नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन उतारने की तैयारी में है। यह ट्रेन 770 किलोमीटर की दूरी महज 8 घंटे में तय करेगी, जबकि मौजूदा सुपरफास्ट ट्रेनों को इसके लिए 12-14 घंटे लगते हैं। दिवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इसे जल्द शुरू किया जा सकता है, जिससे पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली-वाराणसी को मिलेगी दूसरी स्लीपर वंदे भारत
नई दिल्ली/वाराणसी: देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-वाराणसी रूट पर अब दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, रेलवे सितंबर में इस ट्रेन का ट्रायल शुरू कर सकता है, जबकि रेलवे प्रशासन इसे दिवाली तक यात्रियों के लिए पटरी पर उतारने की तैयारी में जुटा है।यह ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच संचालित होगी और रास्ते में कानपुर, प्रयागराज समेत प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिए जाने की संभावना है। त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस ट्रेन को शुरू करने का उद्देश्य यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुविधाजनक ओवरनाइट सफर उपलब्ध कराना है।
दिल्ली-वाराणसी से ही शुरू हुई थी पहली वंदे भारत
दिल्ली-वाराणसी रेल मार्ग का वंदे भारत ट्रेनों के इतिहास में भी खास महत्व है। देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार के रूप में इसी रूट पर शुरू की गई थी। अब इसी व्यस्त कॉरिडोर पर स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल देश में दिल्ली-हावड़ा रूट पर स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। ऐसे में दिल्ली-वाराणसी रूट पर दूसरी स्लीपर वंदे भारत की शुरुआत होने से उत्तर भारत के यात्रियों को लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए एक नया विकल्प मिल सकता
त्योहारों से पहले यात्रियों को मिल सकती है सौगात
दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेन से भीड़ को संभालने और यात्रियों को तेज कनेक्टिविटी देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रात में रवाना होगी, सुबह पहुंचेगी दिल्ली
खबरों में सामने आए प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, यह ट्रेन वाराणसी कैंट से रात 9:20 बजे निकलेगी, रात 10:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी, फिर कानपुर सेंट्रल से रात 12:35 बजे गुजरेगी और सुबह करीब 5 बजे नई दिल्ली पहुंच जाएगी। यानी यह ओवरनाइट ट्रेन होगी, जिससे कारोबारी और पर्यटक दोनों वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
किन शहरों से होकर गुजरेगी ट्रेन
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ट्रेन केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि कानपुर से होते हुए भी गुजरेगी, जिससे संगम नगरी और आसपास के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। दिल्ली-हावड़ा रूट के इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव मिलने से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक बेहतर विकल्प बनेगी।
ट्रेन के कोच और यात्री क्षमता
प्रस्तावित ट्रेन में 16 कोच होंगे, जिनमें करीब 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। इसमें फर्स्ट एसी, एसी टियर-2 और थर्ड एसी श्रेणी के कोच शामिल किए जाएंगे। ट्रेन में वंदे भारत सीरीज से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी, जैसे आरामदायक बर्थ, बेहतर सुरक्षा प्रणाली और स्वचालित दरवाजे।
रफ्तार और रखरखाव
रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रेन 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है, जो ट्रैक की स्थिति पर निर्भर करेगी। साथ ही ट्रेन की प्राथमिक मेंटेनेंस जिम्मेदारी उत्तर रेलवे को दिए जाने की बात सामने आई है।
दिवाली-छठ से पहले मिल सकता है तोहफा
रेलवे प्रशासन की योजना है कि त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही यह सेवा शुरू कर दी जाए। भारतीय रेलवे दिवाली के अवसर पर रेल यात्रियों को यह सेवा तोहफे के तौर पर देने की तैयारी में है, ताकि पूर्वांचल और बिहार की ओर यात्रा करने वाले लोगों को कन्फर्म और तेज विकल्प मिल सके। हालांकि रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि और लॉन्च डेट का ऐलान बाकी है। ट्रायल के नतीजों और अंतिम मंजूरी के बाद ही तारीख तय होगी।












