भारतीय क्रिकेट टीम में भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने 2027 वनडे विश्व कप के पहले तेज गेंदबाजी के विकल्पों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। करीब 4 साल बाद भारतीय टीम मे लौटे भुवनेश्वर ने अपने प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि विश्व कप के लिए भारत के मुख्य तेज गेंदबाज कौन होगे।
शमी की वापसी का रास्ता भी खुला है
मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के व्हाइट-बॉल प्लेन से बाहर है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उनकी दावेदारी को जिंदा रखा है। 2025-26 सीजन में शमी ने रणजी ट्रॉफी में 7 मैचों में 37 विकेट लिए। इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में 15 और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 विकेट लेकर उन्होंने अपनी फिटनेस और लय का संकेत दिया। मौजूदा सीजन में भी उन्होंने दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए 7 विकेट हासिल किए।
सिराज के लिए भी बड़ी चुनौती
मोहम्मद सिराज अभी भी भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजी विकल्पों में शामिल है, हालांकि हालिया प्रदर्शन और टीम की गहराई को लेकर सवाल उठे हैं। इसी वजह से चयनकर्ता अनुभवी गेंदबाजों के साथ-साथ युवा विकल्पों पर भी नजर बनाए हुए हैं 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए आने वाली वनडे सीरीज में प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण होगा।
कौन हो सकते हैं तीन गेंदबाज
फिलहाल अंतिम तीन नाम तय नहीं है। मौजूदा चर्चा में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज की तिकड़ी को मजबूत संभावित विकल्प माना जा रहा है, वहीं भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने इस समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। चयनकर्ताओं का अंतिम फैसला खिलाड़ियों की फिटनेस फॉर्म जो 2027 विश्व कप से पहले के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
चयनकर्ताओं के सामने अनुभव और युवा विकल्पों का संतुलन
भारत के पास तेज गेंदबाजी के अनुभव और युवा प्रतिभा दोनों मौजूद है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए टीम मैनेजमेंट को अलग-अलग परिस्थितियों में प्रभावी गेंदबाजी करने वाले विकल्प चाहिए होंगे। इसीलिए आने वाले महीनों में किसी एक खिलाड़ी की मौजूदा स्थिति को अंतिम मान लेना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल संभावित तस्वीर
बुमराह के साथ शमी और सिराज की चर्चा सबसे ज्यादा है, लेकिन भुनेश्वर की वापसी ने मुकाबले को खुला रखा है। 2027 विश्व कप तक होने वाली वनडे सीरीज और खिलाड़ियों की फिटनेस इस तस्वीर को बदल सकती है।









