उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों के डिजिटल प्रवर्तन को लेकर ई-चालान सिस्टम का नया Next Gen 2.0 वर्जन चर्चा में है। नए वर्जन में पीछे बैठे बिना हेलमेट यात्री के चालान का विकल्प जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। साथ ही चालान के साथ WhatsApp पर QR Code भेजकर डिजिटल भुगतान की सुविधा और शराब पीकर वाहन चलाने व मॉडिफाइड साइलेंसर जैसे उल्लंघनों के लिए नए विकल्प भी बताए गए हैं।
UP E-Challan में बड़ा डिजिटल अपडेट
उत्तर प्रदेश में यातायात नियमों के पालन को लेकर ई-चालान व्यवस्था को नए सॉफ्टवेयर वर्जन Next Gen 2.0 में अपडेट किया गया है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में पुराने Next Gen 1.0 सिस्टम को नए वर्जन में अपग्रेड करने के लिए ई-चालान व्यवस्था में बदलाव किया गया। 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में तीन दिनों तक सिस्टम अपडेट की प्रक्रिया चली। अब नए सिस्टम में ट्रैफिक पुलिस के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा बिना हेलमेट के पीछे बैठे पिलियन राइडर का चालान दर्ज करने की सुविधा की है।
पीछे बैठी सवारी ने हेलमेट नहीं पहना तो कार्रवाई
नई व्यवस्था में अगर बाइक या स्कूटर पर पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट नहीं पहनता है, तो उसके उल्लंघन को भी ई-चालान सिस्टम में दर्ज किया जा सकेगा। इसे समझना जरूरी है कि हेलमेट पहनना पहले से ही कानूनी आवश्यकता है। यूपी पुलिस के आधिकारिक ट्रैफिक निदेशालय के अनुसार मोटरसाइकिल पर चालक या सवारी के लिए protective headgear का प्रावधान है।
भारत सरकार के उपलब्ध ट्रैफिक उल्लंघन रिकॉर्ड में भी “Driving without Helmet (Rider/Pillion Rider)” को Motor Vehicles Act की धारा 194D के तहत दर्ज किया गया है। वहां इसके लिए ₹1,000 का जुर्माना दर्शाया गया है।
QR Code से मौके पर जमा होगा जुर्माना
Next Gen 2.0 में चालान भुगतान की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की कोशिश की गई है। 27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, अब चालान काटे जाने के स्थान पर ही QR Code के माध्यम से जुर्माना जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे वाहन मालिक को चालान भरने के लिए कार्यालय जाने की जरूरत कम हो सकती है। सरकारी e-Challan पोर्टल भी डिजिटल चालान व्यवस्था उपलब्ध कराता है। पोर्टल खुद फर्जी वेबसाइटों और ऐप से सावधान रहने की चेतावनी देता है। इसलिए WhatsApp या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त QR Code का इस्तेमाल करने से पहले चालान की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जांचना सुरक्षित रहेगा।
शराब और मॉडिफाइड साइलेंसर के लिए भी विकल्प
नए वर्जन में हेलमेट उल्लंघन के अलावा शराब पीकर वाहन चलाने और मॉडिफाइड साइलेंसर जैसे मामलों को दर्ज करने के विकल्प भी जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इससे ट्रैफिक पुलिस के लिए अलग-अलग प्रकार के उल्लंघनों को डिजिटल तरीके से दर्ज करना आसान होगा।
मेरठ में ट्रायल और चालान
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, नए सिस्टम का शुरुआती ट्रायल मेरठ में किया गया। रिपोर्ट में सोमवार को 80 चालान काटे जाने की बात कही गई है, जिनमें 8 चालान पीछे बैठी बिना हेलमेट सवारियों से संबंधित बताए गए हैं। यह आंकड़ा मेरठ की कार्रवाई से जुड़ा है, इसलिए इसे पूरे उत्तर प्रदेश का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
पहले तीन दिन क्यों रुकी थी ई-चालान व्यवस्था?
Next Gen 2.0 के अपडेट के दौरान प्रदेश में ई-चालान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार से रविवार तक Next Gen 1.0 को अपडेट करने के कारण यातायात पुलिस की ऑनलाइन चालान व्यवस्था बंद रहने की जानकारी दी गई थी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर मैनुअल रसीद से चालान की प्रक्रिया अपनाई जानी थी।इस अपडेट में चालान भुगतान, दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य बताया गया था।
अब बाइक चलाने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
दोपहिया वाहन पर निकलते समय चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों को हेलमेट पहनना चाहिए। हेलमेट नियम का पालन सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है और सरकारी ट्रैफिक डेटा में rider/pillion दोनों के बिना हेलमेट उल्लंघन का प्रावधान दर्ज है। साथ ही वाहन चालक को शराब पीकर ड्राइविंग, अनधिकृत बदलाव और अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों से बचना चाहिए। Next Gen 2.0 में डिजिटल रूप से ज्यादा उल्लंघनों को दर्ज करने के विकल्प जुड़ने से नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई और व्यवस्थित हो सकती










