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Prayagraj Rain: बारिश ने खोल दी सड़कों की पोल

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प्रयागराज में लगातार बारिश से कई इलाकों में भीषण जलभराव हुआ। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जलनिकासी तेज हुई और अधिकांश इलाकों से पानी हटाया गया, लेकिन इसके बाद सड़कों और नागरिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए। बारिश ने खोली शहर की Drainage और Civic Infrastructure की पोल, हाईकोर्ट ने 24 घंटे में जलभराव दूर करने का दिया निर्देश

प्रयागराज में अगस्त के तीसरे सप्ताह में हुई लगातार बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया। 18 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार रविवार से मंगलवार शाम तक शहर में करीब 208 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जॉर्ज टाउन, करेली, सिविल लाइंस, गोविंदपुर, मुंडेरा, रामबाग, अल्लापुर, कटरा और पुराने शहर के कई हिस्से गंभीर जलभराव से प्रभावित हुए। कई जगह पानी सड़कों और घरों तक पहुंच गया।

हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से पूछा कि निचले इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। कोर्ट ने शहर की Drainage व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए।

24 घंटे में पानी निकालने का आदेश

20 अगस्त को हाईकोर्ट ने जलभराव वाले निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए पर्याप्त संख्या में पंप लगाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पंप उपलब्ध कराए जाएं और प्रभावित क्षेत्रों को 24 घंटे के भीतर जलभराव से मुक्त किया जाए।

पानी उतरने के बाद सामने आई दूसरी चुनौती

बारिश थमने और जलनिकासी के बाद अधिकांश प्रमुख सड़कों और प्रभावित इलाकों से पानी हटाया गया। इसके साथ ही अब बारिश से प्रभावित सड़कों और नागरिक ढांचे की स्थिति पर ध्यान जाने लगा है। नगर निगम की ओर से Drainage व्यवस्था को बेहतर करने और प्रभावित क्षेत्रों में सफाई-सैनिटेशन पर काम करने की बात सामने आई है।इस पूरे घटनाक्रम ने प्रयागराज की Drainage Master Plan, निचले इलाकों में जलनिकासी और मानसून से पहले की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट ने भी दिसंबर 2024 की सरकारी नीति के तहत Drainage Master Plan के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए हैं।

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