प्रयागराज: प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित ‘pizza hut’ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पिज्जा प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच में वेज और नॉन-वेज सामग्री के लिए अलग व्यवस्था साफ तौर पर नहीं मिली। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, हेड कवर और एप्रन जैसी जरूरी चीजों में भी कमियां मिलीं। विभाग ने सुधार होने तक बिक्री पर रोक लगाई और पनीर का नमूना जांच के लिए भेजा।
किचन में मिली कई कमियां
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 31 अगस्त को सिविल लाइंस स्थित ‘पिज्जा हट‘ का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक किचन में कई कमियां पाई गई। जिसमें वेज और नॉन-वेज खाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की अलग पहचान नहीं थी। डीप फ्रीजर में भी दोनों तरह की सामग्री को अलग-अलग रखने की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। यह सिर्फ स्थानीय स्तर का नियम नहीं है। FSSAI की खाद्य सुरक्षा संबंधी गाइडलाइंस में भी वेज और नॉन-वेज खाद्य पदार्थों को अलग रखने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी नहीं मिले
‘Pizza hut’ में जांच के दौरान पिज्जा बनाने वाले कर्मचारियों के अपडेटेड स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। कुछ कर्मचारियों के हेड कवर और एप्रन का इस्तेमाल नहीं करने की बात भी सामने आई। विभाग ने प्रतिष्ठान को जरूरी कमियां जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं।
ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
निरीक्षण में परिसर की जल निकासी व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल और नियमित सफाई से जुड़ी एसओपी व चेकलिस्ट भी अधिकारियों के सामने प्रस्तुत नहीं की जा सकी। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक किचन में सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी सुधार की जरूरत पाई गई।
पनीर का नमूना जांच के लिए भेजा
इतना सब देखने के बाद खाद्य विभाग ने प्रतिष्ठान से पनीर का विधिक नमूना लिया है। इसे खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य गुणवत्ता को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।
क्या पिज्जा हट सील हुआ?
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रतिष्ठान को “सील” किए जाने की बात लिखी गई है। लेकिन उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट में इसे थोड़ा अलग तरीके से बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सुधार होने तक बिक्री प्रतिबंधित की गई है और प्रतिष्ठान को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए बिना आधिकारिक आदेश के इसे सीधे “स्थायी रूप से सील” कहना सही नहीं होगा।
14 दिन में कमियां दूर करने के निर्देश
खाद्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को 14 दिन के भीतर कमियां दूर करने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान सिर्फ सिविल लाइंस तक सीमित नहीं रहा। टीम ने शहर के दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों के साथ कोरांव और आसपास के इलाकों में भी जांच की। कुछ दुकानों से मिठाई के नमूने लिए गए और जहां सफाई या दस्तावेजों में कमी मिली, वहां नोटिस जारी किए गए।













