उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करती है। योजना के तहत पात्र परिवारों को सामूहिक विवाह कार्यक्रम के जरिए शादी का मौका मिलता है और सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाती है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा की थी।
गरीब परिवारों की बेटियों के लिए सरकार की मदद
कई परिवारों के लिए बेटी की शादी का खर्च उठाना मुश्किल होता है। ऐसे परिवारों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाती है। इसका मकसद जरूरतमंद परिवारों को शादी के खर्च में मदद देना और बिना ज्यादा खर्च के सम्मान के साथ विवाह कराने की सुविधा देना है।इस योजना में अलग-अलग परिवारों के पात्र जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जाता है। यानी एक ही कार्यक्रम में कई जोड़ों की शादी कराई जाती है। शादी के दौरान सरकार और संबंधित विभाग की ओर से जरूरी व्यवस्था की जाती है।
योजना में कितनी मदद मिलती है?
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मार्च 2025 में घोषणा की थी कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष से योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाएगा। फरवरी 2026 की सरकारी जानकारी में भी योजना के तहत 1 लाख रुपये उपलब्ध कराने की बात कही गई है। यह सहायता योजना के नियमों के अनुसार दी जाती है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने जिले के समाज कल्याण विभाग से मौजूदा नियम और जरूरी कागज जरूर जांच लेना चाहिए।
कौन इस योजना का लाभ ले सकता है?
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ उत्तर प्रदेश में रहने वाले पात्र परिवार उठा सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों की मदद करना है जो अपनी बेटी की शादी का खर्च आसानी से नहीं उठा पाते। योजना में शादी करने वाले जोड़े की उम्र भी जरूरी है। दुल्हन की उम्र कम से कम 18 साल और दूल्हे की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। उम्र साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या सरकार की ओर से मान्य दस्तावेज लगाए जा सकते हैं। योजना में अलग-अलग वर्गों के पात्र परिवारों को लाभ देने की व्यवस्था है। आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेजों की जांच के बाद ही लाभ दिया जाता है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया जानने के लिए यहां क्लिक करें
शादी के लिए पहले आवेदन करना होगा
इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आवेदन करना होता है। आवेदन ऑनलाइन या संबंधित विभाग की तय प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है। आवेदन में दूल्हा और दुल्हन की जानकारी, पता, उम्र, परिवार की आय और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी देनी होती है। आवेदन करते समय नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारी दस्तावेजों के अनुसार ही भरनी चाहिए। गलत जानकारी देने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
आवेदन के लिए आम तौर पर दूल्हा और दुल्हन के पहचान और उम्र से जुड़े दस्तावेज मांगे जाते हैं। इसके साथ परिवार की आय और बैंक खाते से जुड़े कागज भी जरूरी हो सकते हैं।
जरूरी दस्तावेजों में आम तौर पर ये शामिल होते हैं:
| दस्तावेज | किसके लिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | दूल्हा और दुल्हन |
| उम्र का प्रमाण | दूल्हा और दुल्हन |
| निवास प्रमाण पत्र | आवेदक परिवार |
| आय प्रमाण पत्र | परिवार |
| बैंक पासबुक | पात्र लाभार्थी |
| पासपोर्ट साइज फोटो | दूल्हा और दुल्हन |
| मोबाइल नंबर | आवेदन और संपर्क के लिए |
| जाति प्रमाण पत्र | जहां नियम के अनुसार जरूरी हो |
| अन्य जरूरी कागज | विभाग के निर्देश के अनुसार |
दस्तावेजों की सूची जिले और आवेदन की मौजूदा प्रक्रिया के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित समाज कल्याण कार्यालय से सूची की पुष्टि करना बेहतर है।
आवेदन कैसे करें?
सबसे पहले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आवेदन की सुविधा देखें। इसके बाद आवेदन फॉर्म में दूल्हा-दुल्हन की सही जानकारी भरें। इसके बाद मांगे गए दस्तावेजों की कॉपी या ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करें। बैंक खाते की जानकारी भी सही भरें, क्योंकि योजना की सहायता राशि नियमों के अनुसार बैंक खाते में भेजी जा सकती है। आवेदन जमा होने के बाद विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच की जाती है। पात्र पाए जाने पर नाम सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए शामिल किया जा सकता है
सामूहिक विवाह कैसे होता है?
सामूहिक विवाह में एक स्थान पर कई जोड़ों की शादी कराई जाती है। संबंधित जिले का प्रशासन और विभाग कार्यक्रम की तैयारी करता है। पात्र जोड़ों को कार्यक्रम की तारीख और स्थान की जानकारी दी जाती है। विवाह संबंधित जोड़े की परंपरा और मान्य तरीके के अनुसार कराया जाता है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले जोड़ों को शादी से जुड़ी जरूरी व्यवस्था भी योजना के नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जा सकती है।
किन बातों का ध्यान रखें?
आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और पता सही होना चाहिए। दूल्हा और दुल्हन की उम्र योजना के नियम के अनुसार होनी चाहिए। बैंक खाते की जानकारी भी सही दें। किसी भी व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर बिना जांच के पैसे न दें। आवेदन और दस्तावेज जमा करने के लिए केवल सरकारी या अधिकृत माध्यम का इस्तेमाल करें।









