वेस्ट इंडीज के खिलाफ रांची T20 में 250 रन का लक्ष्य लक्ष्य बचाने में नाकाम रहा भारत। हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच ने बेहतर पिचों की ज़रूरतें बताई, लेकिन गेंदबाजों से परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने की उम्मीद जताई।
भारतीय क्रिकेट टीम में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक बार फिर क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन की जरूरत पर जो दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की हार के बाद गंभीर ने कहा की क्रिकेट में ऐसा मुकाबला होना चाहिए। जिसमें बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका मिले, लेकिन गेंदबाज भी अपनी प्रतिभा दिखा सके उनके मुताबिक, अगर मैचों में केवल चौक और छक्को की भरमार हो तो गेंदबाजों के कौशल और मेहनत को पर्याप्त महत्व नहीं मिल पाएगा।
बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों को भी मिले मौका
गंभीर ने कहा कि भारतीय गेंदबाज भी टीम के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और उन्हें ऐसी परिस्थितियों मिलनी चाहिए जिसमें वे अपने प्रदर्शन से मैच का रुख बदल सके। उन्होंने बेहतर पिचों की वकालत करते हुए बताया कि बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला होने से क्रिकेट और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकता है। इससे दर्शकों को भी केवल रनों की बरसात के बजाय रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेगा।
रांची में 250 रन का लक्ष्य भी नहीं बचा पाया भारत
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में खले गए दूसरे टी20 मुकाबले में जमकर रन बने भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रन की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने भी उपयोगी योगदान दिया। भारतीय टीम का स्कोर मजबूत दिखाई दे रहा था। लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच की तस्वीर बदल दी।
250 रन के लक्ष्य का पीछा करने उत्तरी वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही। मयंक यादव ने शुरुआती ओवरों में दो विकेट लेकर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया पावरप्ले के दौरान भी वेस्टइंडीज के तीन विकेट गिर चुके थे। इसके बावजूद टीम ने दबाव में बिखरने के बजाय अकर्मक बल्लेबाजी जारी रखी और मुकाबले में वापसी कर ली।
शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने पलटा मैच
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 45 गेंदो पर नाबाद 102 रन बनाए। वहीं शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंद में 84 रन की तेज पारी खेल कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी हुई। जिसने वेस्टइंडीज को जीत के करीब पहुंचा दिया। मेहमान टीम ने 18.3 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और भारत को 6 विकेट से हरा दिया।
गेंदबाजों को निकलना होगा समाधान
गंभीर का संदेश दो हिस्सों में साफ दिखाई देता है। एक और वह ऐसी पिचें चाहते हैं, जिन पर गेंदबाजों को भी विकेट लेने और बल्लेबाजों को चुनौती देने का अवसर मिले, दूसरी ओर वे चाहते हैं कि भारतीय गेंदबाज मुश्किल परिस्थितियों में भी विपक्षी टीम को रोकने के तरीके खोजे T20 क्रिकेट में केवल अच्छी शुरुआत काफी नहीं होती। बीच के ओवरों में रन रोकना सही लाइन-लेंथ बनाए रखना और विकेट मिलने के बाद दबाव बरकरार रखना भी अहम है।
भारत के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस हार से सीख लेकर अगले मुकाबले में वापसी करना है। सीरीज बरकरार होने के बाद आगमी मैचों में गेंदबाजी की रणनीति और टीम की फील्डिंग पर खास नजर होगी। गंभीर की टिप्पणी ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि आधुनिक क्रिकेट में बड़े स्कोर और रोमांच के साथ गेंदबाजों के लिए संतुलन परिस्थितियों बनाना कितना जरूरी है।









