कांग्रेस की congress working committee (CWC) की बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य मुद्दा Special Intensive Revision (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर चल रहा विवाद रहा।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
बैठक में खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमिताओं को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद के साथ-साथ सड़क पर भी उठाएगी। ये कांग्रेस आरोप और राजनीतिक मांगे हैं। इन्हें न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगे
कांग्रेस ने मतदाता सूची में बदलाव से जुड़ा पुरा डेटा सार्वजनिक करने, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें अपील का अवसर देने और राजनीतिक दलों को मतदाता सूची में जरूरी डेटा समय पर उपलब्ध कराने की मांग की इसके अलावा गंभीर गड़बड़ियों के सबूत मिलने पर स्वतंत्र और समयबद्ध जांच तथा चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग रखी गई है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला
इसी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार के कार्यालय में चुनाव आयोग के कामकाज और SIR को लेकर चुनौती देने वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनाई करने पर सहमति जताई है। याचिका में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस इस मुद्दे को आगे संसद और सार्वजनिक प्रदर्शन के जरिए उठाने की तैयारी में है। वही विपक्षी INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है। जिसमें इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को अभी आरोप के रूप में ही देखना चाहिए। चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को वैधानिक और प्रक्रिया के अनुरूप बताया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में संबंधित याचिका पर सुनवाई अभी बाकी है।










