---Advertisement---

चुनाव आयोग के फैसले पर अभिजीत दीपके ने CEC ज्ञानेश कुमार से सवाल किया

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 को लेकर बड़ा बदलाव किया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहां ऑनलाइन Form-6 के साथ लिया जा रहा, SIR संबंधित अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया गया है।

इस बदलाव के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपक ने चुनाव आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर अब इस अतिरिक्त घोषणा की जरूरत नहीं है तो इसे पहले क्यों जरूरी किया गया था। उनका सवाल मुख्य रूप से SIR प्रकिया के दौरान Form-6 के साथ जोड़े गए अतिरिक्त दस्तावेज को लेकर है।

क्या है Form-6 और SIR का कनेक्शन

Form-6 का इस्तेमाल नए पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए किया जाता है। SIR के दौरान चुनाव आयोग ने कुछ जगहों पर Form-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा की व्यवस्था की थी। इसका उद्देश्य नए मतदाता की जानकारी को पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जोड़ने और रिकॉर्ड की जांच में मदद करना था।

आयोग के अनुसार मूल वैधानिक Form-6 में बदलाव नहीं किया गया था। SIR की जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी अब जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से यह हिस्सा हटा दिया गया है।

अभिजीत दीपके ने क्यों उठाया सवाल

चुनाव आयोग के ताजा फैसले के बाद अभिजीत दीपक ने इसी बदलाव को लेकर सवाल खड़ा किया है। उनकी आपत्ति यह है कि जब SIR पूरा होने के बाद अतिरिक्त घोषणा हटाई जा सकती है, तो प्रक्रिया के दौरान इसे अनिवार्य किए जाने की क्या जरूरत थी।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर लगातार चर्चा चल रही है, हालांकि आयोग की ओर से Form-6 के सबंध में यह स्पष्ट किया गया है की मूल वैधानिक फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

किन राज्यों में लागू होगा बदलाव

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहां नए मतदाताओं के लिए ऑनलाइन Form-6 भरते समय SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा नहीं देनी होगी। वहीं जिन क्षेत्रों में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां संबंधित व्यवस्था लागू रह सकती है।

चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता पंजीकरण प्रकिया को SIR पूरा होने के बाद सामान्य प्रकिया के अनुरूप लाने से जुड़ा है। इस फैसले के बाद अभिजीत की प्रकिया ने Form-6 और SIR से जुड़े पुराने विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

आगे क्या होगा

Form-6 में बदलाव पर अब राजनीतिक प्रक्रिया है सामने आ रही है। अभिजीत दीपके ने जहां फैसले पर खुशी जताई वहीं, उन्होंने आयोग से यह भी सवाल किया कि, अतिरिक्त घोषणा को पहले प्रकिया का हिस्सा बनने की आवश्यकता क्यों पड़ी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।

Follow Us On

---Advertisement---

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment