लखनऊ, 1 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर 2026 को इस योजना का शुभारंभ किया। योजना का मुख्य फोकस लघु और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े लंबे समय के काम के लिए कम ब्याज पर लोन देना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि लोन मिल सकता है। लोन पर 6% सालाना की रियायती ब्याज दर रखी गई है। समय पर किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को सरकार की ओर से ब्याज पर 5% अनुदान भी दिया जाएगा।
क्या है मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना?
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए शुरू की गई है। इसका संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के जरिए किया जाएगा। योजना के तहत मिलने वाला लोन खेती और खेती से जुड़े लंबे समय के काम में लगाया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि किसान इस लोन का इस्तेमाल खेती में जरूरी स्थायी काम, सिंचाई की सुविधा, कृषि मशीनरी और दूसरे कृषि आधारित कामों के लिए कर सकते हैं। यह सामान्य रोजमर्रा के फसल खर्च के लिए मिलने वाला छोटा समय का लोन नहीं है, बल्कि लंबे समय के निवेश के लिए है।
किसानों को कितना लोन मिलेगा?
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। यह लोन खेती और खेती से जुड़े लंबे समय के कामों के लिए दिया जाएगा।लोन पर 6% सालाना ब्याज रखा गया है। इसके साथ ही तय नियमों के अनुसार समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों को 5% तक ब्याज अनुदान का लाभ मिल सकता है। यानी किसानों को ब्याज के बोझ में राहत मिलेगी।
ब्याज में कितनी छूट मिलेगी?
इस योजना की सबसे खास बात ब्याज पर मिलने वाला अनुदान है। पात्र किसानों को 6% की रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार की ओर से लोन पर 5% ब्याज अनुदान का प्रावधान है। इसका लाभ योजना की शर्तों के अनुसार समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों को मिलेगा। इसलिए किसान को यह समझना जरूरी है कि 5% ब्याज अनुदान अपने आप सभी किसानों को नहीं मिलेगा। इसके लिए योजना की तय शर्तें पूरी करनी होंगी।
कौन किसान ले सकता है लाभ?
योजना खास तौर पर उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। किसान के पास खेती योग्य जमीन और उससे जुड़े सही सरकारी रिकॉर्ड होने चाहिए। अंतिम लोन मंजूरी बैंक की जांच और योजना के नियमों के आधार पर होगी।
लोन का पैसा कहां इस्तेमाल कर सकते हैं?
इस लोन का इस्तेमाल खेती से जुड़े लंबे समय के कामों में किया जा सकता है। जैसे—
- सिंचाई की सुविधा तैयार करना
- कृषि मशीनरी और उपकरण लेना
- खेती से जुड़ी स्थायी सुविधा बनाना
- कृषि उत्पादन बढ़ाने वाले काम
- कृषि से जुड़ी दूसरी गतिविधियों में निवेश
योजना का मकसद किसानों को खेती में लंबे समय के निवेश के लिए कम ब्याज वाला लोन उपलब्ध कराना है।
कैसे करें आवेदन?
किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं इसके अलावा नजदीकी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा में जाकर भी जानकारी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। ऑनलाइन आवेदन में किसान को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक की जानकारी और जमीन से जुड़ी जानकारी देनी होगी। दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा किया जा सकता है। इसके बाद बैंक किसान के कागज और लोन की जरूरत की जांच करेगा। लोन की अंतिम मंजूरी बैंक के नियमों के अनुसार होगी।
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कौन-कौन से दस्तावेज तैयार रखें?
आवेदन से पहले किसान इन जरूरी कागजों को तैयार रख सकते हैं—
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण
- जमीन के कागज
- खसरा/खतौनी
- बैंक खाते की जानकारी
- फोटोमोबाइल नंबर
जरूरत के अनुसार दूसरे दस्तावेज
सरकार ने कितने किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है?
योजना के जरिए आने वाले वर्षों में करीब 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को लाभ देने का लक्ष्य बताया गया है। इसके लिए सरकार ने योजना के तहत वित्तीय मदद का प्रावधान किया है।
कब शुरू हुई योजना?
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की घोषणा पहले की गई थी। इसके बाद 15 सितंबर 2026 को कैबिनेट ने योजना को मंजूरी दी। 23 सितंबर 2026 को इसका शुभारंभ किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 23 सितंबर को योजना के शुभारंभ की जानकारी दी गई है।
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