---Advertisement---

लखनऊ के 57 गांवों को बिजली का बड़ा तोहफा! दिसंबर तक बिछेगा नया नेटवर्क, सुधरेगी सप्लाई

लखनऊ के 57 गांवों और मजरों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अमोसी जोन के 50 और जानकीपुरम जोन के 7 गांवों को योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में नए एचटी/एलटी बिजली खंभे, ट्रांसफॉर्मर और एरियल बंच कंडक्टर लगाए जाएंगे। इससे इलाकों में बिजली नेटवर्क का विस्तार होगा और मजरों तक आपूर्ति पहुंचाने में मदद मिलेगी। सौभाग्य योजना पार्ट-3 के तहत किए गए सर्वे के बाद इन गांवों को प्राथमिकता दी गई है। विभाग ने ढांचा तैयार करने का काम तेज किया है। लक्ष्य दिसंबर 2026 तक सभी 57 गांवों और मजरों को नेटवर्क से जोड़कर ग्रामीण परिवारों को बेहतर, स्थिर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

लखनऊ: लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। राजधानी के 57 गांवों और मजरों में नया बिजली नेटवर्क विकसित करने की योजना है। इसके तहत अमौसी और जानकीपुरम जोन के चिन्हित इलाकों में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। योजना में नए बिजली खंभे, ट्रांसफॉर्मर और एरियल बंच कंडक्टर (ABC) लगाने का प्रस्ताव है। लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इन क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार का काम पूरा कर बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

57 गांवों को योजना में किया गया शामिल

रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना में अमौसी जोन के 50 और जानकीपुरम जोन के 7 गांव-मजरे शामिल किए गए हैं। इन इलाकों में बिजली के मौजूदा ढांचे की जरूरत के अनुसार विस्तार किया जाएगा। खासतौर पर उन स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां आबादी तक बिजली नेटवर्क की पहुंच अभी पूरी तरह मजबूत नहीं है।इस पहल का उद्देश्य केवल बिजली के तार पहुंचाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जिससे आने वाले समय में बिजली कनेक्शन और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

115 गांवों के सर्वे के बाद सामने आई जरूरत

उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, सौभाग्य योजना पार्ट-3 के तहत लखनऊ के 115 गांवों और मजरों का सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई, जहां कुछ घरों या छोटी आबादी वाले मजरों तक बिजली के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता थी।इसी प्रक्रिया के बाद 57 गांवों और मजरों को प्राथमिकता के तौर पर लिया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि बिजली नेटवर्क के विस्तार में आबादी और मौजूदा विद्युत ढांचे की स्थिति को ध्यान में रखा गया है।

रोशन होगा हर कोना

चिन्हित गांवों में जरूरत के अनुसार एचटी और एलटी बिजली के खंभे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति को संभालने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जाने हैं। बिजली लाइन के विस्तार में एरियल बंच कंडक्टर यानी ABC का इस्तेमाल किया जाएगा।ABC प्रणाली में कई विद्युत तारों को एक साथ बंडल करके लगाया जाता है। इससे बिजली नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने में मदद मिलती है। हालांकि, किसी क्षेत्र में वास्तविक क्षमता और उपकरणों की संख्या वहां की तकनीकी जरूरत और स्वीकृत योजना पर निर्भर करेगी।

ग्रामीण परिवारों को क्या मिलेगा फायदा?

नए नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा इन गांवों और मजरों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को मिलने की उम्मीद है। बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मर का विस्तार होने से उन इलाकों तक विद्युत नेटवर्क पहुंचाना आसान होगा, जहां मौजूदा व्यवस्था सीमित है।बेहतर नेटवर्क का असर घरेलू बिजली आपूर्ति के साथ-साथ छोटे व्यवसाय, शिक्षा, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और ग्रामीण सेवाओं पर भी पड़ सकता है। हालांकि, नेटवर्क निर्माण अपने आप में हर समय निर्बाध बिजली की गारंटी नहीं देता; वास्तविक आपूर्ति पर लोड, फीडर क्षमता और स्थानीय तकनीकी परिस्थितियों का भी असर रहता है।

दिसंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य

रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग ने दिसंबर 2026 तक 57 गांवों और मजरों को नए नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आवश्यक विद्युत ढांचा तैयार किया जाएगा और चिन्हित स्थानों पर खंभे, ट्रांसफॉर्मर तथा ABC लाइन स्थापित की जाएगी।UPPCL के आधिकारिक ढांचे में लखनऊ का वितरण क्षेत्र मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) से जुड़ा है। इसलिए इस तरह की परियोजनाओं का क्रियान्वयन संबंधित वितरण व्यवस्था और तकनीकी स्वीकृतियों के आधार पर किया जाएगा।

बिजली नेटवर्क विस्तार से मजबूत होगी ग्रामीण कनेक्टिविटी

कुल मिलाकर, लखनऊ के 57 गांवों और मजरों में प्रस्तावित बिजली नेटवर्क विस्तार ग्रामीण विद्युत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अमौसी के 50 और जानकीपुरम के 7 गांवों को इसमें शामिल किए जाने से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को बेहतर नेटवर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम पूरा होता है, तो दिसंबर 2026 तक इन क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

Follow Us On

---Advertisement---

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now