पार्क मेडी वर्ल्ड ने बनाई खास कंपनी ‘पार्क मेडिसिटी प्रयागराज’, सरकारी फाइलिंग में सामने आई असली प्रोजेक्ट लागत, शिलान्यास में सीएम योगी के आने की उम्मीद
प्रयागराज की जनता को इस शारदीय नवरात्र एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा मिलने जा रही है। नगर निगम की तीन एकड़ भूमि पर नैनी के जहांगीराबाद वार्ड-31 में 550 बेड का मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत गुरुग्राम मुख्यालय वाली अस्पताल श्रृंखला पार्क मेडी वर्ल्ड को सौंपा गया है, जिसने इसी सप्ताह इस काम के लिए विशेष रूप से ‘पार्क मेडिसिटी प्रयागराज लिमिटेड’ नाम की सहायक कंपनी बनाई है। दिलचस्प यह है कि जहां स्थानीय स्तर पर प्रोजेक्ट की लागत 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है, वहीं कंपनी की सेबी फाइलिंग में कुल परियोजना लागत करीब 200 करोड़ रुपये और उस पर राज्य सरकार से मिलने वाली करीब 76.52 करोड़ रुपये की छूट का जिक्र है।
कहां बनेगा अस्पताल और किसे मिला जिम्मा
अस्पताल नैनी क्षेत्र के जहांगीराबाद वार्ड-31 में नगर निगम की तीन एकड़ जमीन पर तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट को अंजाम देने की जिम्मेदारी पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड को दी गई है,जो 2005 में स्थापित और गुरुग्राम में मुख्यालय वाली एक बड़ी निजी अस्पताल श्रृंखला है। कंपनी उत्तर भारत में ‘पार्क’ ब्रांड के तहत हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों में 14 NABH-मान्यता प्राप्त अस्पताल पहले से संचालित करती है। दिसंबर 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई इस कंपनी ने हाल ही में अपने बोर्ड की मंजूरी के बाद प्रयागराज प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से ‘पार्क मेडिसिटी प्रयागराज लिमिटेड’ नाम की पूर्ण-स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बनाई है, जिसे यह जिम्मेदारी नगर निगम ने PPP मॉडल के तहत सौंपी है।
असली प्रोजेक्ट लागत को लेकर दो अलग आंकड़े
नगर निगम स्तर पर जारी जानकारी के अनुसार, अस्पताल के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह काम ढाई साल में पूरा किया जाएगा। हालांकि, कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई नियामकीय जानकारी (रेगुलेटरी फाइलिंग) में इस पूरी परियोजना की कुल लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई है, जिसमें से करीब 76.52 करोड़ रुपये की छूट (कन्सेशन) राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। कंपनी ने यह भी बताया कि सहायक कंपनी में उसका निवेश फिलहाल सिर्फ 15 लाख रुपये (1,50,000 इक्विटी शेयर, प्रत्येक 10 रुपये अंकित मूल्य) का है, जबकि आगे की फंडिंग परियोजना की प्रगति के साथ की जाएगी।
अस्पताल में मिलेंगी ये सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं
प्रस्तावित अस्पताल में कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, मधुमेह, प्लास्टिक सर्जरी और नेफ्रोलॉजी सहित कुल 10 सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी संचालित होंगी। इसके साथ ही मरीजों को एक ही परिसर में रक्त जांच और रेडियोलॉजी से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं भी मिलेंगी, जिससे इलाज के लिए अलग-अलग जगह जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
सिर्फ प्रयागराज नहीं, आसपास के दर्जन भर जिलों को फायदा
इस अस्पताल के चालू होने से प्रयागराज के अलावा चित्रकूट, बांदा, कर्वी, कौशांबी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर, सुल्तानपुर, मछलीशहर और फतेहपुर सहित मध्य प्रदेश के रीवा जिले तक के मरीजों को भी उन्नत इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बता दें कि पार्क मेडी वर्ल्ड पहले से गोरखपुर और कानपुर में भी नए अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे यह साफ है कि कंपनी उत्तर प्रदेश में अपने विस्तार को लेकर गंभीर है।
किराया मॉडल और आरक्षित बेड की व्यवस्था
अस्पताल शुरू होने के बाद पार्क मेडी वर्ल्ड नगर निगम को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये किराए के तौर पर देगी। यह अनुबंध करीब 30 वर्षों के लिए किया गया है, जिसमें हर साल किराये में दो से तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी भी शामिल रहेगी। इसके अलावा नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों के लिए 50 बेड और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए 25 बेड आरक्षित रखे जाएंगे।
पार्षदों की मांग पर बढ़ा दायरा
सदन की बैठक में पार्षद बब्लू मिश्रा, राजीव शुक्ला, भोला तिवारी और कमलेश तिवारी सहित कई अन्य सदस्यों ने पार्षदों के लिए भी अस्पताल में 10 बेड आरक्षित करने और 25 प्रतिशत स्वास्थ्य लाभ की सुविधा देने की मांग रखी, जिसे महापौर और नगर आयुक्त ने सैद्धांतिक सहमति दे दी। नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि आगामी बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप दिया जाएगा। साथ ही पार्षद आनंद घिल्डियाल के प्रस्ताव पर ESI लाभार्थियों को भी स्वास्थ्य लाभ देने की मंजूरी सदन ने दे दी।
शिलान्यास में सीएम योगी की मौजूदगी की उम्मीद
महापौर गणेश केसरवानी के मुताबिक, अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है और उनकी उपस्थिति की प्रबल संभावना है। महापौर ने कहा कि इस अस्पताल के बनने से प्रयागराज सहित आसपास के जिलों में लोगों को उच्च गुणवत्ता का इलाज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।












