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18 मंजिला बस पोर्ट से बदलेगा प्रयागराज का सिविल लाइंस! नीचे बसें और ऊपर फाइव स्टार होटल, ऐसा होगा पूरा कॉम्प्लेक्स

प्रयागराज के सिविल लाइंस बस अड्डे को 18 मंजिला आधुनिक बस पोर्ट और कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। संशोधित डिजाइन में बस संचालन के साथ होटल, फूड कोर्ट, बैंक्वेट, मल्टीपर्पज हॉल, रिटेल और पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

प्रयागराज। संगम नगरी के सबसे प्रमुख बस अड्डों में शामिल सिविल लाइंस बस स्टेशन अब अपने पुराने स्वरूप में नहीं रहेगा। यहां एक आधुनिक 18 मंजिला वर्टिकल बस पोर्ट विकसित करने की योजना सामने आई है। सितंबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआती डिजाइन में 13 मंजिल का प्रस्ताव था, जिसे संशोधित कर मुख्य टावर को 18 मंजिल तक करने की योजना बनाई गई है। यह परियोजना सिर्फ बस अड्डे तक सीमित नहीं होगी।

प्रस्तावित परिसर में परिवहन सुविधाओं के साथ होटल, खान-पान, रिटेल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी जगह दी जाएगी। परियोजना को UPSRTC और Omaxe समूह की BeTogether इकाई PPP मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। अगस्त 2025 में परियोजना के लिए साइट ऑफिस भी शुरू किया गया था।

13 मंजिल से 18 मंजिल तक पहुंचा डिजाइन

सिविल लाइंस बस अड्डे के पुनर्विकास की योजना काफी समय से चल रही है। अप्रैल 2025 की रिपोर्ट में परियोजना को 4.16 एकड़ क्षेत्र में 13 मंजिला भवन के रूप में विकसित किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसमें एयरपोर्ट जैसी यात्री सुविधाओं की योजना थी।अब सितंबर 2026 की ताजा रिपोर्टों में संशोधित डिजाइन के तहत मुख्य टावर को 18 मंजिल तक विकसित किए जाने की बात सामने आई है। पूरे परिसर को ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी में बांटने की योजना है। ब्लॉक-ए मुख्य 18 मंजिला टावर होगा, जबकि ब्लॉक-बी अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा होगा।

दो ब्लॉक में बनेगा आधुनिक कॉम्प्लेक्स

प्रस्तावित डिजाइन में बस यात्रियों और कॉमर्शियल गतिविधियों की आवाजाही को अलग रखने पर जोर दिया गया है। दोनों ब्लॉकों के बीच होटल से जुड़ी प्रीमियम सुविधाएं विकसित करने की योजना भी रिपोर्टों में सामने आई है।परियोजना में होटल, रेस्टोरेंट, रिटेल शॉप्स, फूड कोर्ट और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। इससे सिविल लाइंस का बस अड्डा केवल बसों के आने-जाने की जगह न रहकर एक मल्टी-यूज ट्रांसपोर्ट और कॉमर्शियल हब बन सकता है।

किस मंजिल पर क्या होगा?

ताजा रिपोर्टों में प्रस्तावित लेआउट के अनुसार परिसर को इस तरह विकसित करने की योजना है:दो अंडरग्राउंड बेसमेंट: पार्किंग और वाहनों की व्यवस्थाग्राउंड फ्लोर: बस-बे और बसों का संचालनपहली और दूसरी मंजिल: यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया और जरूरी सुविधाएंतीसरी मंजिल: फूड कोर्टचौथी मंजिल: बैंक्वेट हॉलपांचवीं मंजिल: मल्टीपर्पज हॉलछठी से 18वीं मंजिल: होटल और सुइट्सअन्य हिस्सों में: रिटेल शॉप्स, रेस्टोरेंट और अन्य कॉमर्शियल सुविधाएं यह फ्लोर-प्लान सितंबर 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों में दिए गए प्रस्तावित डिजाइन पर आधारित है; इसे अंतिम निर्मित लेआउट के रूप में नहीं लिखना चाहिए।

फाइव स्टार होटल भी बनेगा आकर्षण

परियोजना की सबसे खास बात इसका हॉस्पिटैलिटी सेक्शन है। रिपोर्टों के अनुसार परिसर में विंडहैम होटल एंड रिसॉर्ट्स से जुड़ी फाइव स्टार होटल सुविधाओं की योजना है। दोनों ब्लॉकों के बीच स्विमिंग पूल, जिम और बैंक्वेट जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में यात्री बस पकड़ने के साथ उसी परिसर में ठहरने, खाने और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।

बसों के लिए अलग रास्ता, निजी वाहनों की अलग एंट्री

इस परियोजना में ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी अहम माना गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार बसों का प्रवेश नवाब यूसुफ रोड की ओर से कराया जाएगा, जबकि एमजी मार्ग की तरफ से निजी वाहनों और कॉमर्शियल परिसर में आने वाले लोगों के लिए प्रवेश की योजना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बसों और निजी वाहनों की आवाजाही को अलग रखना है, ताकि सिविल लाइंस के व्यस्त हिस्से में ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। नवाब यूसुफ रोड से बस संचालन की व्यवस्था पहले भी इस्तेमाल की जा चुकी है।

यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

पुरानी स्वीकृत योजना में भी बस पोर्ट को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने का प्रस्ताव था। इसमें एसी वेटिंग लाउंज, अंडरग्राउंड पार्किंग, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, दिव्यांग-अनुकूल काउंटर, VIP लाउंज, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया गया था। नए बस पोर्ट का फोकस सिर्फ बस संचालन पर नहीं, बल्कि यात्रियों को ज्यादा व्यवस्थित और आरामदायक अनुभव देने पर भी होगा।

PPP मॉडल से हो रहा है विकास

इस परियोजना को Public-Private Partnership यानी PPP मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। Omaxe की BeTogether इकाई और UPSRTC इस परियोजना से जुड़े हैं। अगस्त 2025 में Prayagraj Civil Lines Busport के लिए साइट ऑफिस शुरू किया गया था, जिसे परियोजना की प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि उत्तर प्रदेश में कई बस स्टेशनों को आधुनिक ट्रांजिट हब में बदलने की व्यापक योजना में प्रयागराज का सिविल लाइंस बस पोर्ट भी शामिल है।

  • लखनऊ: यहाँ दो प्रोजेक्ट्स हैं — पहला विभूति खंड (गोमती नगर) में और दूसरा अमौसी (एयरपोर्ट के पास)
  • गाजियाबाद/दिल्ली बॉर्डर : कौशाम्बी और साहिबाबाद
  • प्रयागराज: सिविल लाइंस

    प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य

    उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की जमीन पर ओमेक्स ग्रुप अत्याधुनिक बस टर्मिनल बना रहा है। यहाँ केवल बस स्टैंड नहीं होगा, बल्कि इसके साथ एक बड़ा कमर्शियल हब भी विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सफर के साथ-साथ शॉपिंग, एंटरटेनमेंट और ठहरने की बेहतरीन सुविधाएं देना है।

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