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मुजफ्फरनगर में ED की बड़ी कार्रवाई राणा हाउस पर छापेमारी से मचा हडकंप

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ED Raid: मुजफ्फरनगर में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हडकंप मच गया। ED की टीम ने शहर के चर्चित राणा हाउस समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की राणा हाउस में पूर्व सांसद कादिर राणा अपने दोनों भाइयों नूर सलीम राणा और शहनवाज राणा के साथ रहते है। कार्रवाई के दौरान टीम ने घर के अंदर मौजूद लोगों से पूछताछ की और कई दस्तावेजों तथा कारोबारी गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी भी बताई गई।

जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स से जुड़े मामले में जांच

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ED की यह कार्रवाई जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट ITC के मामले की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी इस मामले में कथित तौर पर फर्जी ई-वे बिल और वास्तविक मामले की आपूर्ति के बिना ITC का लाभ लेने से जुड़े लेनदेन की पड़ताल कर रही है। इससे पहले GST से जुड़ी जांच में भी कंपनी और उससे जुड़े लेनदेन को लेकर सवाल उठे थे।

मुजफ्फरनगर के साथ अन्य शहरों में भी कार्रवाई

बताया जा रहा है कि ED की कार्रवाई केवल मुजफ्फरनगर तक सीमित नहीं रही। जांच के तहत उतर प्रदेश के अन्य स्थानों के साथ गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद में भी कुछ परिसरों पर तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का फोकस कथित वित्तीय लेनदेन, कंपनियों के दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और कारोबार से जुड़े अन्य कामकाज की जांच पर है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इनकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

कादिर राणा और उनके परिवार से जुड़े कारोबारी कनेक्शन की भी पड़ताल

पूर्व सांसद कादिर राणा मुजफ्फरनगर की राजनीति में चर्चित नाम रहे है। ED की मौजूदा कार्रवाई में उनके परिवार और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े परिसरों की जांच किए जाने की बात सामने आई है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आने वाली कंपनियां और व्यक्तियों के बीच किस तरह के वित्तीय लेनदेन हुए है। करवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कागजात और अन्य रिकॉर्ड, की जांच किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

छापेमारी के बाद आगे की कार्रवाई पर नज़र

ED की तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी को कौन-कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले है। और आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल मामले में जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ लगे आरोपों की जांच होने और समक्ष अदालत में अंतिम निर्णय तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। ED की विस्तृत कार्रवाई और आधिकारिक बयान आने के बाद मामले से जुड़े और तथ्य स्पष्ट हो सकते है।

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