प्रयागराज: प्रयागराज और मीरजापुर के बीच करीब 45 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने की तैयारी है। प्रयागराज से मिर्जापुर तक की चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस सड़क की लम्बाई पहले 35 किलोमीटर से बढ़ा कर 45 किलोमीटर किया जा रहा है। इस परियोजना पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। एनएचएआई को इसकी जिम्मेदारी दी गई है और दिसंबर 2026 तक काम शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
सड़क पर कम होगी परेशानी
प्रयागराज से मीरजापुर जाने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में सफर पहले से आसान हो सकता है। मौजूदा मार्ग के कुछ हिस्से पहले ही फोरलेन हैं, जबकि अब करीब 45 किलोमीटर हिस्से को चौड़ा करने की योजना है। सड़क चौड़ी होने से वाहनों को ज्यादा जगह मिलेगी और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही लोगों को पहले के मुताबिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
1,200 करोड़ से ज्यादा खर्च होने का अनुमान
इस सड़क को फोरलेन बनाने की परियोजना पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की ओर से डीपीआर तैयार कराई जा रही है। बजट आवंटन के बाद दिसंबर 2026 तक काम शुरू होने की उम्मीद है। पहले डीपीआर, बजट और जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी होंगी। इसके बाद निर्माण का काम आगे बढ़ेगा।
रामपुर से नैनी तक होगा बड़ा बदलाव
प्रयागराज से मीरजापुर की रोड को प्रस्तावित चौड़ीकरण का काम रामपुर के पास से केंद्रीय कारागार नैनी के आसपास तक विकसित करने की योजना बताई गई है। सड़क पर डिवाइडर और फुटपाथ जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे सिर्फ लंबी दूरी के वाहन ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के आवागमन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।परियोजना को अलग-अलग चरणों में पूरा करने की तैयारी है।
वाराणसी और मध्य प्रदेश जाने वालों को भी फायदा
इस सड़क का फायदा सिर्फ प्रयागराज और मीरजापुर वाले ही नहीं बल्कि वाराणसी, चित्रकूट और मध्य प्रदेश की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी कनेक्टिविटी में आसानी मिलने की उम्मीद है। वही पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। केंद्र सरकार ने वाराणसी में NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर के 6/4-लेन कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा प्रयागराज-मीरजापुर मार्ग से जुड़े NH-135A के हिस्सों को 4/6 लेन तक विकसित करने के लिए डीपीआर की प्रक्रिया भी सामने आई है।











