बिहार।बिहार में TRE 4.0 शिक्षक भर्ती के लिए 32,386 पदों पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। आवेदन 1 सितंबर 2026 से शुरू होना प्रस्तावित था, लेकिन प्रक्रियात्मक बदलाव के कारण नई तारीख बाद में जारी की जाएगी।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE-4.0 शिक्षक भर्ती के तहत 32,386 पदों पर होने वाली ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है। आयोग के विज्ञापन संख्या 14/2026 के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी, लेकिन कुछ आवश्यक प्रक्रियात्मक बदलावों के चलते इसे टाल दिया गया है। हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। इस भर्ती अभियान के जरिए बिहार शिक्षा विभाग के विभिन्न स्कूलों में 32,386 रिक्त शिक्षक पदों पर नियुक्ति होनी थी। आवेदन की नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। BPSC ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नई तिथि और आवेदन से जुड़ी जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। नई तारीख जारी होने के बाद ही अभ्यर्थी TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
छात्रों की मांग को लेकर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है। TRE-4 परीक्षा को अब एक चरण में कराने का फैसला लिया गया है। साथ ही, ‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ की मांग पर भी सहमति बनी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जो छात्रों की शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े सुझावों पर काम करेगी। छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ भी शुरू किए गए हैं। सरकार ने कहा कि छात्रों के हित और बेहतर भविष्य को लेकर वह प्रतिबद्ध है।
32,388 पदों पर होनी है शिक्षक भर्ती
TRE-4 के आधिकारिक विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत बिहार के सरकारी स्कूलों में कुल 32,388 शिक्षक पद विज्ञापित किए गए हैं। इनमें कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563, कक्षा 9 से 10 के लिए 3,877 और कक्षा 11 से 12 के लिए 16,101 पद शामिल हैं।
परीक्षा पैटर्न को लेकर क्यों हुआ विवाद?
TRE-4 के शुरुआती नोटिफिकेशन में परीक्षा को लेकर अलग-अलग चरणों और निगेटिव मार्किंग जैसे प्रावधानों पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए थे। छात्रों की प्रमुख मांग थी कि परीक्षा प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और एक ही परीक्षा के आधार पर चयन किया जाए। आंदोलन के बाद सरकार ने TRE-4 को एकल चरण में कराने पर सहमति जताई।
‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ का क्या मतलब है?
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि एक उम्मीदवार अलग-अलग स्तरों की मेरिट में जगह बनाने के बजाय एक भर्ती प्रक्रिया में एक ही पद पर चयनित हो। इससे एक ही अभ्यर्थी के कई पदों पर चयन होने से खाली होने वाली सीटों और मेरिट प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को कम करने की कोशिश की जा सकती है
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति छात्रों की शिकायतों, परीक्षा प्रक्रिया और सुधार के सुझावों पर विचार करेगी। इसकी अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा किए जाने की बात सामने आई है
BPSC अधिकारी के बयान से बढ़ा विवाद
आंदोलन के दौरान BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी (हाथी चले बाजार…तो कुत्ते भौंके हजार) को लेकर भी विवाद हुआ। बयान पर आलोचना बढ़ने के बाद उन्होंने माफी मांगी। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अब अभ्यर्थियों की नजर आगे की प्रक्रिया पर
सरकार के फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल TRE-4 की संशोधित परीक्षा प्रक्रिया और नई आधिकारिक समय-सारिणी को लेकर है। मूल विज्ञापन में 1 सितंबर 2026 से आवेदन शुरू होने की योजना थी और कुल 32,388 पद थे, लेकिन आवेदन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। BPSC की ओर से संशोधित कार्यक्रम जारी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।











