प्रयागराज: प्रयागराज में शहर की पहली एलिवेटेड रोड बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ा है। नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की टीम स्टैनली रोड के कलश चौराहे से लोक सेवा आयोग चौराहे तक एलिवेटेड रोड की संभावना का सर्वे कर रही है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि यह परियोजना जमीन पर उतरेगी या नहीं।
कहाँ बन सकती है एलिवेटेड रोड?
प्रयागराज में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड कलश चौराहे से लोक सेवा आयोग चौराहे तक बनाई जा सकती है। एनएचएआई की प्रयागराज इकाई इसकी व्यवहारिकता जांचने के लिए सर्वे करा रही है। घनी आबादी वाले इस हिस्से में एलिवेटेड रोड बनाना कितना सही और व्यावहारिक होगा, इसकी भी जांच की जा रही है। तय होने के बाद निर्णय होगा कि एलिवेटेड रोड शहर में बनेगा कि नहीं।
सर्वे में खर्च से लेकर ट्रैफिक तक की होगी जांच
सर्वे के दौरान यह देखा जा रहा है कि एलिवेटेड रोड बनाने में कितना खर्च आएगा, निर्माण में कितना समय लगेगा और रास्ते में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे परियोजना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
10-15 दिन में मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
एनएचएआई की टीम अगस्त के अंतिम सप्ताह से सर्वे का काम कर रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय एलिवेटेड रोड बनाने को लेकर आगे का फैसला करेगा।
1.9 किलोमीटर का है प्रस्ताव
इससे पहले सेतु निगम की ओर से भी कलश चौराहे से लोक सेवा आयोग चौराहे तक करीब 1.9 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की कार्ययोजना शासन को भेजी गई थी। इसकी अनुमानित लागत करीब 1100 करोड़ रुपये बताई गई है। फिलहाल फिजिबिलिटी यानी व्यवहारिकता का सर्वे चल रहा है।
जाम से राहत देने की है उम्मीद
अगर योजना को मंजूरी मिलती है तो शहर के इस व्यस्त हिस्से में ट्रैफिक को ऊपर से निकालने का रास्ता खुल सकता है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी इसे मंजूर परियोजना मानना जल्दबाजी होगी पहले सर्वे रिपोर्ट आएगी और उसके बाद अंतिम फैसला होगा।









