प्रयागराज में नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच जिला प्रशासन सतर्क है। बुधवार को जिलाधिकारी ने सलोरी कछार पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा और राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी रखा गया है।
प्रयागराज में नदी का पानी बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। बुधवार को जिलाधिकारी ने सलोरी कछार पहुंचकर मौके पर बाढ़ की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से हालात की जानकारी ली और लोगों की सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, फिर भी अलर्ट
प्रशासन के मुताबिक, नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ की टीम भी लगातार क्षेत्र में घूमकर स्थिति पर नजर रख रही है।प्रशासन ने सभी बाढ़ राहत शिविरों को सक्रिय रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान दिया जा सके।
पानी बढ़ने पर राहत शिविर में जाने की अपील
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि अगर बाढ़ का पानी ज्यादा बढ़ता है तो जोखिम न लें। ऐसी स्थिति में लोग तुरंत बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचकर सुरक्षित रहें। प्रशासन की ओर से लोगों की मदद के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।

शहर और गांवों में सफाई पर जोर
बाढ़ के बाद गंदगी और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज विभाग को साफ-सफाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में दवाओं का छिड़काव कराने के लिए भी कहा गया है, ताकि लोगों को बीमारी से बचाया जा सके
राहत शिविरों में भोजन, पानी और दवाओं की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की जरूरतों का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में अच्छा खाना, साफ पानी, रोशनी, दवाएं और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।निरीक्षण के दौरान बाढ़ और राहत कार्य से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।










