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‘सनातनी योद्धा’ स्वतंत्र भारद्वाज कौन हैं? निशु के पिता से मारपीट के बाद क्यों चर्चा में

सोशल मीडिया पर खुद को ‘स्वतंत्र सनातनी योद्धा’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज इन दिनों निशु आजाद के पिता संजय कुमार से मारपीट के मामले को लेकर चर्चा में हैं। जंतर-मंतर पर 23 जून को हुई घटना के बाद वायरल हुए एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने संजय कुमार पर हमला करने का दावा किया था। हालांकि बाद में उन्होंने वीडियो को फर्जी बताते हुए अपने बचाव में इसे आत्मरक्षा बताया। 4 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया।

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज जो कि सोशल मीडिया पर हिंदुत्व विचारों से जुड़े इन्फ्लुएंसर के तौर पर अपनी पहचान बनाते हैं और खुद को ‘स्वतंत्र सनातनी योद्धा’ बताते हैं। वह खुद को मैथिल ब्राह्मण बताते रहे हैं और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखते हैं। स्वतंत्र भारद्वाज जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भी वह कई वीडियो में नजर आए। उन्होंने CJP के प्रदर्शन को लेकर कई वीडियो पोस्ट किए और कुछ वीडियो में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए भी नजर आए। प्रोटेस्ट के दौरान वह प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते दिखाई दिए। इन्हीं वीडियो के कारण प्रदर्शन के दौरान उनकी भूमिका को लेकर विवाद भी बढ़ा।

निशु आजाद के पिता से मारपीट का मामला क्या है?

पूरा विवाद 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के साथ झड़प हुई थी। वह अपनी बेटी निशु आजाद के साथ प्रदर्शन में मौजूद थे और मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और मारपीट हुई फिर FIR मे संजय कुमार ने आरोप लगाया कि उनके सिर पर कई बार वार किया गया और किसी कठोर चीज से भी चोट पहुंचाई गई। पुलिस ने इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

वायरल पॉडकास्ट ने फिर बढ़ा दिया विवाद

मामला तब बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह संजय कुमार पर हमला करने की बात करते दिखाई दिए और घटना को लेकर गंभीर दावे किए। इसी वीडियो के बाद CJP से जुड़े लोगों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी। हालांकि बाद में भारद्वाज ने अपने बयान से अलग सफाई दी। उन्होंने वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि घटना में उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी।

‘राजनीतिक पहुंच’ के दावे पर भी विवाद

वायरल पॉडकास्ट में भारद्वाज ने कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया था। उसी पे आरोप भी लगा कि राजनीतिक पहुंच के कारण उन्हें घटना के बाद जेल नहीं जाना पड़ा। दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को साफ तौर पर खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई और स्वतंत्र भारद्वाज तथा दूसरे आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

चोट को लेकर पुलिस और वायरल दावे में अंतर

वायरल वीडियो में संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट और बड़ी संख्या में टांके लगने का दावा किया गया। लेकिन दिल्ली पुलिस ने इन दावों को सही नहीं माना। पुलिस के मुताबिक RML अस्पताल की मेडिकल जांच में चोट ‘सिंपल नेचर’ की बताई गई थी और सिर पर चोट कड़े यानी kada से लगने की बात कही गई। यही वजह है कि इस मामले में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और पुलिस के आधिकारिक पक्ष के बीच अंतर दिखाई देता है। अंतिम कानूनी जिम्मेदारी जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

4 सितंबर को बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए

4 सितंबर को मामले में नया अपडेट आया। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर के धामरा नारा गांव के पास से हिरासत में लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब CJP और अन्य लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। इससे पहले CJP के प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि पुलिस ने 72 घंटे के भीतर भारद्वाज की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। मामले में SC/ST एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं को जोड़ने की मांग भी की गई थी।

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