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उत्तराखंड में भूकंप के तेज झटके, 5.1 रहा भूकंप का माप

उत्तराखंड में मंगलवार रात भूकंप के तेज झटकों से लोगों में हलचल मच गई। European-Mediterranean Seismological Centre (EMSC) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5.1 थी। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड में बागेश्वर के पास बताया गया है। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी।

रात करीब 10:23 बजे आया भूकंप

EMSC के अनुसार, भूकंप 6 अक्टूबर 2026 को 16:53 UTC पर आया, जो भारतीय समय के हिसाब से रात करीब 10:23 बजे था। भूकंप का केंद्र बागेश्वर से करीब 35 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। EMSC के रिकॉर्ड में इसे उत्तराखंड क्षेत्र का भूकंप बताया गया है। US Geological Survey (USGS) ने भी भूकंप की तीव्रता 5.1 और गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की है। USGS के अनुसार इसका स्थान बागेश्वर से करीब 34 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।

दिल्ली-NCR तक महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी लोगों ने झटके महसूस किए। EMSC के मुताबिक इस भूकंप को महसूस करने वाले लोगों की बड़ी संख्या ने रिपोर्ट दर्ज की है।भूकंप के दौरान कई जगह लोगों को कुछ समय के लिए घबराहट हुई। रात का समय होने की वजह से कुछ लोग अपने घरों से बाहर भी निकल आए।

अभी नुकसान की बड़ी खबर नहीं

फिलहाल उपलब्ध शुरुआती जानकारी में भूकंप से बड़े नुकसान या किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जाती है। उत्तराखंड पहले से ही भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाका माना जाता है। ऐसे में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोगों के बीच चिंता होना स्वाभाविक है।

भूकंप आने पर क्या करें?

अगर भूकंप के झटके महसूस हों तो घबराने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए। घर के अंदर हों तो मजबूत मेज या किसी सुरक्षित जगह के नीचे बैठकर सिर को बचाएं। खिड़की, शीशे और ऐसी चीजों से दूर रहें जो गिर सकती हैं। बाहर होने पर इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें। भूकंप के बाद अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल सरकारी या भरोसेमंद sources से मिली जानकारी पर ध्यान

भूकंप के बाद लोगों में चिंता

भूकंप के झटके महसूस होने के बाद उत्तराखंड के कई इलाकों में लोग कुछ देर तक सतर्क रहे। रात में अचानक कंपन महसूस होने से कई लोगों को चिंता हुई। कुछ लोगों ने घर से बाहर निकलकर आसपास के लोगों से जानकारी ली। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।

बागेश्वर के आसपास रहा असर

भूकंप का केंद्र बागेश्वर के पास होने के कारण आसपास के इलाकों में इसका असर ज्यादा महसूस किया गया। पहाड़ी इलाकों में भूकंप के बाद सड़क, बिजली और दूसरी जरूरी सेवाओं की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होता है। प्रशासन की ओर से भी ऐसे हालात में स्थानीय स्थिति की जानकारी जुटाई जाती है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा

भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने झटके महसूस होने की बात बताई। अलग-अलग जगहों से लोग अपने अनुभव शेयर करते नजर आए। हालांकि, सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी सही नहीं होती। इसलिए किसी नुकसान या आगे आने वाले झटकों से जुड़ी जानकारी को बिना पुष्टि के शेयर करने से बचना चाहिए।

भूकंप के समय सावधानी जरूरी

भूकंप को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सावधानी रखकर खतरा कम किया जा सकता है। घर में भारी सामान को सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए। परिवार के सभी लोगों को यह पता होना चाहिए कि भूकंप आने पर कहां सुरक्षित रहना है और घर से बाहर निकलने का रास्ता कौन सा है।

दोबारा झटके आएं तो क्या करें?

अगर भूकंप के बाद फिर से झटके महसूस हों तो घबराने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए। किसी इमारत में दरार या नुकसान दिखाई दे तो वहां जाने से बचें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन और राहत टीम से मदद लें। साथ ही, भूकंप से जुड़ी जानकारी के लिए सरकारी sources पर भरोसा करना बेहतर है।

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