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सीएम योगी के बरेली दौरे से पहले सियासत तेज, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव से की मुलाकात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने वाले पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद बरेली और आसपास के इलाकों में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस मुलाकात को बरेली की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

धर्मेंद्र कश्यप ने क्यों छोड़

धर्मेंद्र कश्यप आंवला लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। हाल ही में उन्होंने भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र कश्यप राज्यसभा जाने का मौका नहीं मिलने से नाराज थे। भाजपा की ओर से राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के सभी कारणों को लेकर उनकी ओर से अलग-अलग दावों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

अखिलेश यादव से लखनऊ में हुई मुलाकात

भाजपा छोड़ने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार, 11 अक्टूबर को लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान उनकी बेटी कीर्ति कश्यप भी मौजूद थीं। बैठक में समाजवादी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।अखिलेश यादव ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने इसे आपसी मेल-मिलाप की मुलाकात बताया और पिछड़े, दलित तथा अल्पसंख्यक समुदायों को मजबूत करने की बात कही।इस मुलाकात के बाद धर्मेंद्र कश्यप के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह 27 अक्टूबर को लखनऊ में अपने समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता ले सकते हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम और सदस्यता को लेकर पार्टी की ओर से होने वाली औपचारिक घोषणा को ही अंतिम माना जाएगा।

बेटी कीर्ति कश्यप के लिए भी मांगा टिकट

इस पूरे घटनाक्रम में धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप का नाम भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी को बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अखिलेश यादव के सामने अपनी बात रखी है।
हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अभी कीर्ति कश्यप की उम्मीदवारी को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। ऐसे में यह साफ नहीं है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी का टिकट मिलेगा या नहीं।
इस सीट पर सपा के दूसरे नेताओं की भी नजर है। इसलिए टिकट को लेकर पार्टी के अंदर बातचीत और चर्चा बढ़ने की संभावना है।

वीरपाल सिंह यादव को मिली आंवला की जिम्मेदारी

बरेली की राजनीति में एक और अहम घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव को आंवला विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाए जाने की खबर है। रिपोर्टों के अनुसार, वीरपाल सिंह यादव अपने बेटे डॉ. देवेंद्र यादव के लिए बिथरी चैनपुर सीट से टिकट की मांग कर रहे थे।
ऐसे में धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप की दावेदारी और वीरपाल सिंह यादव के परिवार की राजनीतिक तैयारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के सामने दोनों पक्षों के बीच तालमेल बनाने की चुनौती हो सकती है।
हालांकि, आंवला और बिथरी चैनपुर सीटों पर उम्मीदवारों के नाम अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुए हैं। इसलिए फिलहाल टिकट को लेकर सामने आ रही बातों को दावेदारी और राजनीतिक चर्चाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

सीएम योगी के दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 अक्टूबर को बरेली के दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान वह ग्राम प्रहरियों से बातचीत करेंगे और बरेली क्लब मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले धर्मेंद्र कश्यप की अखिलेश यादव से मुलाकात ने जिले की राजनीति को चर्चा में ला दिया है। एक ओर भाजपा से उनके इस्तीफे की खबर है, तो दूसरी ओर सपा में शामिल होने और उनकी बेटी के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर बात हो रही है।धर्मेंद्र कश्यप के अगले राजनीतिक कदम का असर बरेली की कुछ विधानसभा सीटों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर आगामी चुनाव में ही साफ होगा। फिलहाल सभी की नजर 27 अक्टूबर को होने वाले संभावित सपा सदस्यता कार्यक्रम और पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने पर है।

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