EaseMyTrip की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी EMTev ने भोपाल से इलेक्ट्रिक बस कारोबार की शुरुआत की है कंपनी Vision 2030 के तहत अगले 5 वर्षों में सालाना 5,000 इलेक्ट्रिक बसों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करना चाहती है।
EaseMyTrip ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए भोपाल में अपनी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया है। कंपनी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी शाखा Easy Green Mobility (EMTev) इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है कंपनी के मुताबिक भोपाल में शुरुआत उसके इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशन बिजनेस के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पांच साल में 5,000 बस सालाना बेचने की योजना
EaseMyTrip के vision 2030 रोडमैप के तहत EVTev अगले पांच वर्षों में हर साल 5,000 इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण की क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का प्लान केवल बस बनाने तक सीमित नहीं है। इसमें बस निर्माण फ्लीट संचालन, सर्विस स्पोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहन के अलग-अलग कॉम्पोनेंट्स को धीरे-धीरे घरेलू स्तर पर तैयार करने की योजना भी शामिल है।
कैसी है EMTev की इलेक्ट्रिक बस
कंपनी की शुरुआती इलेक्ट्रिक बस 12 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक कोच है, जिसमें ड्राइवर के अलावा करीब 45 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसमें 423.9 kWh क्षमता वाली LFP बैटरी लगाई गई है। कंपनी के अनुसार बस एक चार्ज में 350 किलोमीटर तक की रेंज और अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति दे सकती है।
बस में PMSM मोटर, एयर सस्पेंशन और इलेक्ट्रॉनिक हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग के साथ EBS और ESC जैसी सुरक्षा सिस्टम भी दिए गए हैं। कैमरा आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी इसका हिस्सा है। कंपनी आगे AI आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग, ब्लाइंड-स्पॉट डिटेक्शन और ADAS जैसे तकनीक को विकसित करने पर भी काम कर रही है।
सिर्फ बस चलाने तक सीमित नहीं है प्लान
EMTev इलेक्ट्रिक बसों के साथ एक पूरा मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक उसका तत्काल फॉक्स मौजूदा इलेक्ट्रिक बस डिलीवरी को पूरा करने और ऑपरेशन वह सर्विस नेटवर्क को मजबूत करने पर है। EMTev के 12 मीटर और 13.5 मीटर वाले इलेक्ट्रिक बस मॉडल को टाइप अप्रूवल भी मिल चुका है।
कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से पारंपरिक डीजल आधारित परिवहन के विकल्प को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही कारोबार के विस्तार के साथ मैन्युफैक्चरिंग बस संचालक सर्विस और इससे जुड़े क्षेत्र। में रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं, हालांकि 5,000 बसों का आंकड़ा तत्काल उत्पादन नहीं है, बल्कि अगले 5 वर्षों में विकसित की जाने वाली वार्षिक उत्पादन क्षमता का लक्ष्य है।











