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तमिलनाडु में K.N. नेहरू से जुड़े 19 ठिकानों पर DVAC की छापेमारी

तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब Directorate of vigilance and Anti-corruption (DVAC) ने पूर्व DMK मंत्री N.K. नेहरू और उनके भाई से जुड़े ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई कथित तौर पर Municipal Administration and Water Supply (MAWS) विभाग से जुड़े पुराने मामलों की जांच के सिलसिलो में की गई।

त्रिची में सुबह-सुबह पहुंची DVAC टीम

रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 7 बजे DVAC की टीमें त्रिची के थिल्लई नगर स्थिति N.K. नेहरू के आवास समेत कई स्थानों पर पहुंची। इसके अलावा चेन्नई, कोयंबटूर और अन्य जगहों पर भी जुड़े परिसरों की तलाशी की गई। कुल मिलाकर करीब 19 ठिकानों पर कारवाई की जानकारी सामने आई है।

किस मामले को लेकर चल रही है जांच

जांच का संबंध उस समय के MAWS विभाग से बताया जा रहा है, जब K.N. नेहरू इस विभाग के मंत्री थे। आरोपों में सरकारी भर्ती, ठेकों के आवंटन और अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित अनियमिताओं की जांच शामिल है

मामले में कथित तौर पर सरकारी नौकरियों के बदले पैसे लेने और करीब 888 करोड़ रूपये के कथित cash-for-jobs मामले का भी उल्लेख किया गया है। वहीं ठेकों से जुड़ी कथित अनियमिताओं की राशि करीब 1,020 करोड़ रूपये बताई गई है। यह सभी आरोप जांच का विषय है और इन्हें अदालत द्वारा दोष सिद्ध किया जाना बाकी है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं FIR

DVAC ने जून 2026 में K.N. नेहरू और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी यह मामला मद्रास हाई कोर्ट के समक्ष भी पहुंचा था। रिपोर्टों के अनुसार, FIR के बाद हाई कोर्ट ने उसे समय आगे कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई थी। मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

घर के बाहर जुटे DMK समर्थक

छापेमारी की खबर फैलते ही नेहरू के आवास के बाहर बड़ी संख्या में DMK समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता पहुंच गए। पूर्व प्रधानमंत्री Anbil mahesh poyyamozhi समेत कई DMK के नेता भी वहां पहुंचे इससे इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।

M.K. Stalin ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

DMK अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री M.K. Stalin ने DVAC की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया उनका आरोप है कि जब संबंधित मामला हाई कोर्ट में लंबित है और विधानसभा का सत्र चल रहा है, ऐसे समय में छापेमारी राजनीतिक कारणों से की गई है।

Stalin ने कहा कि K.N. नेहरू और DMK इस कार्रवाई से डरने वाले नहीं है और पार्टी कानूनी रास्ते में इसका सामना करगी।

अब आगे क्या

DVAC की तलाशी का मुख्य उद्देश्य कथित अनियमिताओं से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच करना है। कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी की ओर से क्या बरामदगी या आगे की कार्रवाई सामने आती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल K.N. नेहरू के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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