प्रयागराज में मेट्रो परियोजना को लेकर काम अब एक कदम और आगे बढ़ गया है। RITES ने Alternative Analysis Report (AAR) प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) को सौंप दी है। अब Detailed Project Report (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क में एयरपोर्ट, झूंसी, फाफामऊ, नैनी और छिवकी जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ने की योजना है।
RITES ने सौंपी रिपोर्ट, अब DPR पर होगा काम
संगमनगरी में मेट्रो चलाने की योजना लंबे समय से चर्चा में है। अब इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ती नजर आ रही है। मेट्रो परियोजना के लिए तकनीकी काम देख रही RITES ने AAR तैयार कर PDA को सौंप दी है।इस रिपोर्ट में शहर की मौजूदा परिवहन व्यवस्था, यात्रियों की जरूरत और संभावित रूट जैसे विकल्पों का अध्ययन किया गया है। अब इसी आधार पर परियोजना की DPR तैयार की जाएगी।DPR में मेट्रो के रूट, स्टेशन, डिपो, तकनीकी व्यवस्था, अनुमानित लागत और यात्री क्षमता समेत परियोजना से जुड़ी अहम जानकारियों को विस्तार से शामिल किया जाएगा।
करीब 12 हजार करोड़ की हो सकती है परियोजना
प्रयागराज मेट्रो के संशोधित प्रस्ताव पर करीब ₹12 हजार करोड़ से अधिक खर्च आने का अनुमान है। मौजूदा योजना में मेट्रो नेटवर्क को करीब 60 किलोमीटर तक ले जाने और लगभग 45 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव सामने आया है।हालांकि रूट, स्टेशन और लागत से जुड़े अंतिम आंकड़े DPR और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय माने जाएंगे।
एयरपोर्ट तक पहुंचाने की तैयारी
मेट्रो योजना में प्रयागराज एयरपोर्ट को जोड़ना अहम बदलाव माना जा रहा है। संशोधित योजना के तहत सूबेदारगंज और झलवा होते हुए एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी देने की दिशा में काम किया जा रहा है।इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के साथ शहर के आसपास विकसित होने वाले नए क्षेत्रों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिल सकता है।
परेड में मेट्रो और रोपवे का कनेक्शन
प्रयागराज की परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो के साथ रोपवे को जोड़ने की भी तैयारी है। इसके लिए परेड में मेट्रो और रोपवे के स्टेशन को एक ही परिसर में विकसित करने की योजना है।इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को एक परिवहन साधन से दूसरे तक पहुंचने में आसानी होगी। रोपवे को संशोधित DPR में शामिल किए जाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
अभी मेट्रो चलने में समय लगेगा
AAR रिपोर्ट सौंपे जाने का मतलब यह नहीं है कि प्रयागराज में तुरंत मेट्रो का निर्माण शुरू हो जाएगा। अभी DPR तैयार होने, उसकी जांच और सरकार की जरूरी मंजूरियां मिलने जैसे कई चरण बाकी हैं।DPR के बाद परियोजना को राज्य और केंद्र स्तर पर मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके बाद ही निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकेगा।इसलिए फिलहाल प्रयागराज के लोगों के लिए सबसे बड़ा अपडेट यह है कि मेट्रो परियोजना की रिपोर्ट तैयार करने और मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
प्रयागराज के लिए क्यों खास है मेट्रो?
प्रयागराज में रोजाना बड़ी संख्या में लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफर करते हैं। इसके अलावा कुंभ, महाकुंभ, माघ मेला और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान शहर में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है।ऐसे में अगर प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क को मंजूरी मिलती है तो शहर के प्रमुख इलाकों, एयरपोर्ट और दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों के बीच सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प तैयार हो सकता है।










