प्रयागराज में गंगा पर बन रहा करीब 9.9 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन पुल अब अंतिम दौर में है। सितंबर में ट्रायल और अक्टूबर में यातायात शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, फाफामऊ के समानांतर प्रस्तावित नए दो लेन पुल पर फैसला सिक्स लेन पुल शुरू होने के बाद यातायात के दबाव को देखकर लिया जाएगा।
सिक्स लेन पुल का काम अंतिम चरण में
प्रयागराज के फाफामऊ में गंगा पर बन रहे सिक्स लेन पुल को लेकर अब इंतजार खत्म होने वाला है। करीब 9.9 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण लगभग 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अधिकारियों की योजना सितंबर के अंत तक बाकी काम पूरा करने की है। इसके बाद अंतिम तैयारियों और ट्रायल के बाद अक्टूबर में पुल को आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है। मलाक हरहर से स्टेनली रोड की ओर जाने वाला यह पुल प्रयागराज के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसके शुरू होने से शहर से लखनऊ, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और अयोध्या की ओर जाने वाले वाहनों को नया और चौड़ा मार्ग मिल सकेगा।
मंत्रालय क्यों कर रहा है इंतजार?
सिक्स लेन पुल के साथ फाफामऊ में एक और पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया है। पुराने फाफामऊ पुल के समानांतर दो लेन का नया पुल बनाने का प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है।
हालांकि, मंत्रालय ने फिलहाल इस प्रस्ताव के सर्वे को आगे बढ़ाने से पहले सिक्स लेन पुल के शुरू होने का इंतजार करने को कहा है। वजह साफ है—पहले यह देखना है कि नया सिक्स लेन पुल चालू होने के बाद पुराने फाफामऊ पुल पर वाहनों का दबाव कितना कम होता है। अगर नए पुल से यातायात का दबाव काफी घटता है, तो समानांतर दो लेन पुल की जरूरत का नए सिरे से आकलन किया जाएगा।
पुराने फाफामऊ पुल को मिलेगी राहत
फाफामऊ का मौजूदा पुल प्रयागराज को लखनऊ और प्रतापगढ़ की दिशा से जोड़ने वाला अहम रास्ता है। यहां लगातार बढ़ते यातायात के कारण कई बार वाहनों का दबाव देखने को मिलता है। सिक्स लेन पुल शुरू होने के बाद बड़े हिस्से में यातायात नए पुल की ओर जाने की उम्मीद है। इससे पुराने पुल और आसपास के मार्गों पर दबाव कम हो सकता है।
करीब 1,948 करोड़ रुपये की परियोजना
सिक्स लेन पुल परियोजना की लागत करीब 1,948 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका निर्माण फरवरी 2021 में शुरू हुआ था। शुरुआत में परियोजना को फरवरी 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई कारणों से काम में देरी हुई। गंगा में बढ़े जलस्तर और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के कारण भी निर्माण प्रभावित हुआ। इसी वजह से परियोजना की समयसीमा कई बार आगे बढ़ी। अब निर्माण एजेंसी के सामने सितंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।
ट्रायल के बाद खुलेगा रास्ता
अधिकारियों की योजना के मुताबिक सितंबर में पुल पर वाहनों का ट्रायल किया जा सकता है। ट्रायल और जरूरी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इसे यातायात के लिए खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगर तय कार्यक्रम के अनुसार काम पूरा हुआ तो अक्टूबर में प्रयागराज को गंगा पर एक नया सिक्स लेन मार्ग मिल सकता है।










