उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कमर कस ली है। पार्टी हाईकमान का साफ संदेश है — अब संगठन और सरकार के बीच किसी भी तरह की ढिलाई की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। इसी कड़ी में राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष 10 और 11 सितंबर को लखनऊ में उच्च स्तरीय बैठकें करने वाले हैं, जिनमें प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह-प्रभारी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी शामिल होंगे। इससे पहले पार्टी अध्यक्ष पंकज चौधरी पहले ही मथुरा से मेरठ तक “मिशन 2027” यात्रा शुरू कर चुके हैं, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिमी यूपी से अपने दौरों का आगाज़ करने वाले हैं। आखिर बीजेपी की यूपी रणनीति में क्या-क्या शामिल है।
उत्तरप्रदेश। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी सियासी प्रयोगशाला मानी जाती है, और यहीं से 2027 के विधानसभा चुनाव का रास्ता तय होगा। यही वजह है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अभी से, यानी चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले ही, अपनी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। पार्टी का पूरा फोकस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, सरकार और संगठन के बीच किसी भी तरह के गैप को पाटने और 2022 व 2024 के चुनावों में हुए नुकसान की भरपाई करने पर है।
संगठन में सख्ती, अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ चुनावों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल की कमी की वजह से कुछ इलाकों में नुकसान झेलना पड़ा था। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने अब साफ लाइन खींच दी है। बूथ स्तर पर बारीक प्रबंधन, कार्यकर्ताओं में सख्त अनुशासन और आक्रामक जमीनी लामबंदी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े पहले ही एक दौरे में इन बिंदुओं पर बूथ स्तर की समीक्षा कर चुके हैं, और जल्द उनका दूसरा दौरा भी प्रस्तावित है।
10-11 सितंबर: लखनऊ में जुटेगी बीजेपी की पूरी टीम
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष 10 और 11 सितंबर को लखनऊ पहुंचकर संगठनात्मक कसावट को अंतिम रूप देंगे। इन बैठकों में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और उनके सह-प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि हाल ही में नए प्रदेश पदाधिकारियों और क्षेत्रीय टीमों की घोषणा के बाद अब पार्टी के विभिन्न मोर्चों (जैसे युवा मोर्चा, महिला मोर्चा आदि) के गठन पर भी मुहर लगनी है। बीएल संतोष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह से अलग-अलग मुलाकात कर पार्टी के कामकाज, जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत और सरकार-संगठन तालमेल पर बात करेंगे।
नितिन नवीन का पश्चिमी यूपी से आगाज़, हारी सीटों पर खास नजर
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी उत्तर प्रदेश दौरा तय हो चुका है, और वे अपनी शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करेंगे। नेतृत्व की योजना है कि 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, वहां से खासतौर पर फीडबैक लिया जाए और सामाजिक समीकरण साधने की नई रणनीति बनाई जाए। पश्चिमी यूपी के अलावा अवध और कानपुर क्षेत्र पर भी विशेष फोकस रखा जा रहा है।पंकज चौधरी की
पंकज चौधरी की “मिशन 2027” यात्रा पहले ही शुरू
गौर करने वाली बात यह है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पहले ही मथुरा से इस अभियान की शुरुआत कर चुके हैं। उन्होंने इसे “मिशन 2027” नाम दिया और कार्यकर्ताओं से 2017 के चुनावी नतीजों को भी पीछे छोड़ने का आह्वान किया। बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के बाद उन्होंने ब्रज क्षेत्र होते हुए आगरा और फिर गाजियाबाद के रास्ते मेरठ तक का सफर तय किया, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस रूट के जरिए पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि पश्चिमी यूपी में मुस्लिम और यादव मतदाताओं की अच्छी-खासी मौजूदगी को देखते हुए
विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति
आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों में भाजपा का जोर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने, विपक्ष के आरोपों और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी का सटीक जवाब देने, और कार्यकर्ताओं की तैनाती को व्यवस्थित करने पर रहेगा। नेतृत्व स्तर पर क्षेत्रीय कमजोरियों की पहचान कर स्थानीय पदाधिकारियों के लिए स्पष्ट और कड़े लक्ष्य तय किए जाने की भी योजना है।केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से कार्यकर्ताओं को यही संदेश दिया गया है। जल्द तैयारी, मजबूत एकता और बिना किसी चूक के काम करना ही आगामी चुनाव प्रचार की सबसे बड़ी बुनियाद होगी।
योगी से मुलाकात, सरकार-संगठन तालमेल पर जोर
यूपी प्रभारी बनने के बाद विनोद तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। रिपोर्टों के मुताबिक बातचीत में सरकार के कामकाज, संगठन की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनाव के रोडमैप से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ भी संगठनात्मक तैयारियों को लेकर चर्चा हुई।यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2027 के चुनाव में BJP के सामने सरकार की उपलब्धियों को संगठन के जमीनी नेटवर्क के जरिए मतदाताओं तक पहुंचाने की चुनौती होगी।
2022 और 2024 के प्रदर्शन से लिया जा रहा फीडबैक
BJP की आगामी रणनीति में पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन से मिले फीडबैक की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। 2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में BJP की सीट संख्या 62 से घटकर 33 रह गई थी, जबकि समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीती थीं। ऐसे चुनावी परिणामों के बाद पार्टी का ध्यान उन क्षेत्रों और सीटों पर विशेष रूप से है, जहां उसे नुकसान हुआ था।
आगे बढ़ेगी चुनावी तैयारी
2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन BJP ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले महीनों में बूथ प्रबंधन, क्षेत्रवार समीक्षा, कार्यकर्ताओं से फीडबैक, जनसंपर्क और सरकार की योजनाओं के प्रचार पर जोर बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर, BJP का मिशन यूपी 2027 अब संगठन को चुनावी मोड में तैयार करने पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।












