प्रयागराज: हर साल वही लगातार हो रहे बारिश के दौरान प्रयागराज के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। इस बार भी तेज बारिश के बाद प्रयागराज में कई सड़कों, बाजारों और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। यह पानी केवल बाजारों तक ही नहीं बल्कि कॉलेजों व लोगों के घरों के अंदर भी चला गया है। जिससे शहर के लोगों को छात्रों को बहुत ही परेशानी का सामना हर साल करना पड़ता है। और इस साल तो संगम में बढ़ आने से पहले ही इलाकों में पानी का जलप्रभाव ज्यादा है। सवाल यह है कि बार-बार सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया?
प्रयागराज में हुई बारिश का वही पुराना हाल
प्रयागराज में तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई और कई जगह वाहनों की रफ्तार भी थम गई, वाहन सारे पानी में डूब गये है। सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर भरा पानी और पानी के बीच से गुजरते लोग शहर की स्थिति को साफ दिखाते हैं। वही बारिश में सड़कों पे हो रहे गढ़ों में पानी भर जाने के वजह से और ही हाल खराब है। रविवार से ही जो हो रही बारिश के बाद प्रयागराज में लगातार दूसरे दिन भी जलभराव की समस्या बनी रही। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार से शहर में 208 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कें और निचले इलाके प्रभावित हुए।
बाढ़ आने से पहले ही डूबने लगा शहर
प्रयागराज में इन दिनों एक चिंता यह भी है कि नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ने से पहले ही शहर के कई हिस्से बारिश के पानी से जूझने लगते हैं। क्योंकि बारिश पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही है प्रयागराज में जिसके बाद 16 अगस्त को गंगा और यमुना के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर रखने की बात कही थी। यानी समस्या सिर्फ नदी के बढ़ते जलस्तर की नहीं है। सामान्य तेज बारिश के बाद भी अगर शहर की सड़कें पानी में डूब जाती हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। बारिश की वजह से CMP डिग्री कॉलेज व जॉर्ज टाउन, सिविल लाइंस, निरंजन डॉट पुल, जॉर्ज टाउन, नया बस अड्डा, सीएमपी कॉलेज के सामने, गोविंदपुर और दलीगंज समेत कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया।
प्रयागराज में हर साल बारिश के बाद जल भराव
प्रयागराज में बारिश के मौसम में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। पुराने शहर विकास दस्तावेज में भी शहर के कई निचले इलाकों में बार-बार जलभराव की समस्या का उल्लेख किया गया था। उसमें बेहतर जल निकासी व्यवस्था, नालों के सुधार और नियमित सफाई जैसे उपायों की जरूरत बताई गई थी।इसके बावजूद हर मानसून में कई इलाकों से लगभग वही तस्वीर सामने आती है मतलब सड़कों पर पानी, जाम और लोगों को परेशानी। ऐसे में सवाल सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था का भी है।












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