प्रयागराज: शुक्रवार को प्रयागराज में सलोरी से हेतापट्टी के बीच बनने वाले चार लेन पुल का भूमि पूजन हो गया है। यह पुल करीब 3.6 किलोमीटर लंबा बनेगा। जिसको बनाने में लगभग 952.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पुल बनने के बाद सलोरी और हेतापट्टी की तरफ से आने-जाने वाले लोगों को शहर से जुड़ने के लिए बेहतर रास्ता मिलेगा। यह पुल शहर को एनएच-19 यानी प्रयागराज-वाराणसी मार्ग से भी जोड़ेगा। पुल बनने के बाद सलोरी, हेतापट्टी, फूलपुर और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इस पुल को बनाने में करीब 62 पिलर लगाए जाएंगे जिससे इसकी मजबूती बनी रहे। यूपी सरकार द्वारा पास किए गए बजट के बाद संगम किनारे यह पुल बनकर तैयार होगा।
आखिर क्यों पड़ी नए पुल की जरूरत?
इस पुल की सबसे बड़ी जरूरत शास्त्री पुल पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए महसूस की गई। फूलपुर विधायक दीपक पटेल ने कहा “शास्त्री पुल बहुत ही पुराना होने के कारण साल में 2 बार उसकी मरमत और कावड़ यात्रा के लिए बंद कर दिया जाता था, जिसके बाद लोगों को शहर तक आने जाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।” गंगा के इस नए रास्ते से झूंसी, हेतापट्टी और आसपास के इलाकों से आने वाले वाहनों को शहर तक पहुंचने के लिए एक और रास्ता मिलेगा। सलोरी, हेतापट्टी और फूलपुर क्षेत्र के लोगों को इससे आने-जाने में समय और ईंधन की बचत हो सकती है।
भूमि पूजन के साथ परियोजना की शुरुआत
प्रयागराज में सलोरी और हेतापट्टी के बीच गंगा पर बनने वाले फोरलेन पुल का 21 अगस्त 2026 को दिन शुक्रवार को सादियाबाद कछार में भूमि पूजन किया गया। पुल का निर्माण राज्य सेतु निगम की ओर से ईपीसी (EPC) मोड पर कराया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। भूमि पूजन के दौरान प्रयागराज के मेयर गणेश केशरवानी, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी और फूलपुर के विधायक दीपक पटेल चीफ गेस्ट के रूप में उपस्थित थे।
कौन-कौन भूमि पूजन में रहा मौजूद?
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी, शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी और फूलपुर के विधायक दीपक पटेल मौजूद रहे। इनके अलावा कई स्थानीय पार्षद और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।मेयर गणेश केसरवानी ने पुल को प्रयागराज के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि सलोरी, हेतापट्टी व फूलपुर क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने कहा कि “पुल बनने से शास्त्री पुल पर यातायात का दबाव काफी कम होगा”। प्रयागराज मेयर ने पुल को शासन से मंजूरी दिलाने में विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी और दीपक पटेल के प्रयासों का भी उल्लेख किया। परियोजना की चर्चा 2025 से चल रही थी।
कब शुरू होगा निर्माण और कब तक बनेगा?पली
पुल को बनाने के लिए संगम के कछारी इलाके में मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा रहता है। इसी वजह से सेतु निगम ने निर्माण कार्य को मानसून के बाद शुरू करने की योजना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, 15 अक्टूबर के बाद खुदाई का काम शुरू करने की तैयारी है। पुल के निर्माण पूरा होने की समयसीमा को लेकर पहले करीब ढाई साल का अनुमान सामने आया था। हालांकि मौजूदा रिपोर्टों में मानसून के बाद वास्तविक निर्माण शुरू होने की बात है
लोगों को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना के लिए सरकार ने जनवरी 2026 में ही 300 करोड़ की किस्त जारी कर दी गई थी। पुल बनने के बाद पूर्वांचल की ओर से आने वाले वाहनों के लिए शहर तक पहुंचने का एक और रास्ता मिलेगा। इससे शास्त्री पुल पर ट्रैफिक कम करने और सलोरी-हेतापट्टी-फूलपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर झूंसी और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों के लिए इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बचने की उम्मीद है। फूलपुर विधायक दीपक पटेल ने कहा “हेतापट्टी और फूलपुर के लोग 15-20 मिनट में शहर तक पहुंच जाएंगे” तथा इस पुल के बाद इससे शास्त्री पुल पर वाहनों का दबाव कम होने और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।











