जंतर-मंतर दिल्ली: आरक्षण हटाओ आंदोलन को लेकर रविवार को दिल्ली में गतिविधियां तेज रही। आंदोलन के समर्थन में कुछ प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर पहुंचने का प्रयास करते देखे गए। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है की प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पुलिस ने बिना अनुमति के सभा या प्रदर्शन करने से बचने की अपील भी की।
आंदोलनकारियो की प्रमुख मांगे क्या है
आरक्षण हटाओ आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी मौजूदा जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और इसे समाप्त करने की मांग उठा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधि ने आर्थिक आधार पर अवसर देने तथा चयन प्रक्रिया में मेरिट को प्रथमिकता देने जैसे मुद्दे भी उठाए हैं। साथ ही विश्वविद्यालय और भर्ती से जुड़े कुछ UGC नियमों को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया है।
ब्रजेश पाठक से हुई प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
आरक्षण हटाओ आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर अपनी मांगे रखी। रिपोर्ट, के मुताबिक पाठक ने प्रतिनिधियों को उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने और संबंधित स्तर पर बातचीत का आश्वासन दिया। इससे आंदोलन के मुद्दों पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की संभावना बनी है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आई
आरक्षण के मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण को लेकर कहां की यह व्यवस्था बनी रहेगी। और आंदोलन को लेकर भाजपा पर राजनीतिक आरोप लगाए। वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए आरक्षण विरोधी गतिविधियों पर सरकारों से स्पष्ट रुख अपनाने की माँग की केंद्रीय मंत्री चिराग़ पासवान ने भी आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग का विरोध किया।











