प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर हैं, दराबाद जैसे निचले इलाकों में लोग नाव के सहारे अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे माहौल में सोमवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा खुद बक्शी बांध, एसटीपी और नागवासुकी रोड पर उतरे — जनता को भरोसा देने और अफसरों को मुस्तैद करने। पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है, पर एहतियात पूरे शबाब पर हैं।
प्रयागराज में इन दिनों संगम का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बीच दराबाद जैसे निचले इलाकों में सड़कों की जगह अब नावें चल रही हैं, कुछ लोग अपने घर का सामान लेकर कमर तक पानी में चलते नज़र आ रहे हैं। प्रयागराज में संगम के पास बाढ़ का पानी बढ़ने से अस्थायी ढांचे चारों तरफ से घिर गए हैं और नावों का जमावड़ा लगा हुआ है। (Social News XYZ)ऐसे नाज़ुक हालात में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा दफ्तर की कुर्सी से उतरकर सीधे मैदान में पहुंचे। बक्शी बांध, एसटीपी और नागवासुकी रोड — जहां भी पानी की आहट तेज़ थी, वहां डीएम खुद खड़े होकर हालात परखते नजर आए

राहत शिविर बने भरोसे की छांव
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविरों में खाना, पानी, बिजली और दवाओं जैसी बुनियादी जरूरतों को पहले से ही दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। शहर की सफाई नगर निगम के जिम्मे है, तो गांवों की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को सौंपी गई है — ताकि किसी को असुविधा न हो।
बीमारी से पहले एहतियात
बाढ़ के बाद अक्सर सबसे बड़ा खतरा बीमारियों का होता है — इसे भांपते हुए प्रशासन ने दवाओं के छिड़काव और स्वास्थ्य टीमों की तैनाती पहले ही शुरू कर दी है। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त नावें भी तैयार रखी गई हैं।
जॉर्जटाउन में सीवर संकट पर सीधी नजर
संगम पेट्रोल पंप के पास सीवर चोक होने की समस्या पर डीएम ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और नगर निगम को फौरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर स्तर पर तालमेल की कोशिश
इस पूरे अपडेट को यूपी के मुख्य सचिव, सीएम कार्यालय, राज्य सरकार, सीडीओ प्रयागराज, सूचना विभाग यूपी, राहत यूपी और यूपी एसडीएमए तक पहुंचाया गया, ताकि हर स्तर पर तैयारी और तालमेल बना रहे।












