आयरलैंड और इंग्लैंड में टीम इंडिया की करारी हार के बाद BCCI हरकत में आ गया है। बोर्ड ने 3 सितंबर (गुरुवार) को मुंबई मुख्यालय में एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें हेड कोच गौतम गंभीर, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण शामिल होंगे। यह बैठक BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बुलाई है, और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह मीटिंग असल में जुलाई में ही होनी थी, लेकिन तब टल गई थी।
आखिर क्यों हो रही है समीक्षा?
टीम इंडिया का हालिया विदेशी रिकॉर्ड सवालों के घेरे में है। जून में आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराकर उसकी 16 सीरीज की अजेय लय तोड़ दी। इसके बाद इंग्लैंड में हालात और बिगड़ गए, जहां भारत को पांच मैचों की टी20 सीरीज में 4-0 से करारी हार झेलनी पड़ी। नॉटिंघम में तो टीम 125 रन से हारी। इन नतीजों ने बोर्ड को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
गंभीर और अगरकर की भूमिका पर चर्चा
मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर टीम की रणनीति और चयन प्रक्रिया से सीधे जुड़े प्रमुख चेहरों में हैं। ऐसे में प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान टीम संयोजन, खिलाड़ियों के चयन और टेस्ट क्रिकेट की तैयारियों जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। गंभीर के कार्यकाल में टीम को टेस्ट क्रिकेट में कुछ मुश्किल नतीजों का सामना करना पड़ा है, जबकि सफेद गेंद के क्रिकेट में टीम ने बड़ी सफलताएं भी हासिल की हैं। इसलिए समीक्षा को केवल एक फॉर्मेट तक सीमित रखने के बजाय व्यापक प्रदर्शन के नजरिए से देखा जा सकता है।
चोटों का सिलसिला बना सबसे बड़ी चिंता
इस बैठक का एक बड़ा मुद्दा खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट प्रबंधन रहने वाला है। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे अहम खिलाड़ियों की चोटों ने टीम मैनेजमेंट को कई बार सही कॉम्बिनेशन उतारने से रोका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अहम दौरों पर सही टीम न उतार पाना अब बोर्ड के लिए चिंता का विषय बन चुका है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि मेडिकल टीम, खिलाड़ियों और चयन समिति के बीच तालमेल की कमी की खबरें सामने आई हैं।
IPL वर्कलोड और 2027 वर्ल्ड कप पर भी चर्चा
बैठक में सिर्फ हाल में हुए हार पर ही बात नहीं होगी। IPL के वर्कलोड का खिलाड़ियों की उपलब्धता पर असर, न्यूजीलैंड के आगामी दौरे की तैयारी और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की दीर्घकालीन रणनीति भी एजेंडे में शामिल है। बोर्ड चाहता है कि कोचिंग स्टाफ, चयनकर्ता और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एक साझा योजना पर काम करें, ताकि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए टीम बेहतर ढंग से तैयार हो सके।
सफेद गेंद बनाम टेस्ट क्रिकेट का फासला
गौर करने वाली बात यह भी है कि गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया ने सफेद गेंद क्रिकेट में शानदार सफलता हासिल की है। चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप टी20 जैसे बड़े खिताब जीते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में यही कहानी नहीं दोहराई जा सकी, जहां उनके कार्यकाल में टीम को महज 7 जीत मिली हैं जबकि 10 हार और 2 ड्रॉ रहे हैं। यही असंतुलन अब बोर्ड की समीक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है।
आगे क्या?
बैठक की तारीख और एजेंडा तय है, लेकिन नतीजों पर सबकी नजर रहेगी। क्या यह सिर्फ औपचारिक समीक्षा बनकर रह जाएगी, या चयन प्रक्रिया, फिटनेस मॉनिटरिंग और सपोर्ट सिस्टम में बड़े बदलावों का ऐलान होगा? गंभीर और अगरकर की भूमिका को लेकर अटकलें जरूर हैं, पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं। न्यूजीलैंड दौरा नजदीक है और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियां भी सिर पर हैं, ऐसे में बोर्ड पर जल्द फैसला लेने का दबाव बढ़ रहा है। असली तस्वीर गुरुवार की बैठक के बाद ही साफ होगी।













