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प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से घटा

प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट से बाढ़ प्रभावित और नदी किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिलने लगी है। पिछले दिनों जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद अब दोनों नदियों का पानी नीचे जा रहा है।

गंगा-यमुना के घटते पानी से मिली राहत

प्रयागराज में पिछले कुछ दिनों से गंगा और यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ था। कभी पानी बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ रही थी तो कभी जलस्तर में कमी से राहत मिल रही थी। अब दोनों नदियों में पानी घटने का रुख देखने को मिल रहा है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।

नैनी में यमुना का जलस्तर नीचे आया

नैनी में यमुना का जलस्तर नीचे आयानैनी में यमुना के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 42 सेंटीमीटर तक कम हुआ। इससे नैनी और आसपास के नदी किनारे वाले क्षेत्रों में बाढ़ का दबाव कम हुआ है। हालांकि मानसून के दौरान जलस्तर में फिर बदलाव की संभावना बनी रहती है।

फाफामऊ में भी गंगा का पानी घटा

फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में भी कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार यहां 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर कम हुआ। गंगा का पानी घटने से फाफामऊ और आसपास के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिली है।

पहले बढ़ रहा था दोनों नदियों का जलस्तर

इससे पहले सितंबर की शुरुआत में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई थी। नैनी में यमुना और छतनाग में गंगा का पानी बढ़ा था, जबकि फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई थी। जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था को सक्रिय रखा था।

प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर की ताजा स्थिति यहां जानें।

अब निचले इलाकों में कम हो रहा खतरा

जलस्तर में गिरावट का सबसे बड़ा फायदा नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है। पानी घटने से कई जगहों पर बाढ़ का खतरा कम हुआ है। हालांकि स्थानीय लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर फिर बढ़ सकता है।

तटबंध सुरक्षित, प्रशासन की नजर जारी

प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में गिरावट के बावजूद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। हालिया जानकारी के अनुसार जिले के तटबंध सुरक्षित हैं। अधिकारियों की ओर से नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की निगरानी जारी है।

पानी घटने के बाद सफाई की चुनौती

नदी का पानी घटने के बाद कई निचले इलाकों में कीचड़, गंदगी और बदबू की समस्या सामने आ सकती है। ऐसे में पानी उतरने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सफाई का काम भी जरूरी होगा। स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना अहम रहेगा।

लोगों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत

गंगा और यमुना का जलस्तर घटने से फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन इसे पूरी तरह खतरा खत्म होना नहीं माना जा सकता। बारिश या ऊपर से पानी छोड़े जाने पर जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए

जलस्तर पर लगातार अपडेट लिया जा रहा

गंगा और यमुना के पानी में कमी के बाद भी अधिकारियों की ओर से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। अलग-अलग निगरानी केंद्रों से जलस्तर का रिकॉर्ड लिया जा रहा है, ताकि अचानक पानी बढ़ने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। नदी के आसपास के इलाकों में भी हालात पर नजर रखी जा रही है।

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