स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में लखनऊ ने 198 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे नंबर पर रहे। प्रयागराज को 180 अंक मिले और शहर 13वें स्थान पर रहा। पिछले साल प्रयागराज 7वें नंबर पर था। पूरे भारत के शहरों का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में शहरों का साफ हवा का रैंक निकला है।
क्या है स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026?
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पहल है, जिसे राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत कराया जाता है। इसमें देश के 130 शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे कामों का आकलन किया जाता है।सर्वे में सिर्फ हवा के आंकड़े ही नहीं देखे जाते, बल्कि शहरों में सड़क की धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे, खुले में कचरा जलाने पर रोक और लोगों को जागरूक करने जैसे काम भी जांचे जाते हैं। इस बार वार्ड स्तर पर भी प्रदर्शन को देखा गया।
प्रयागराज को मिला 13वां स्थान
10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में प्रयागराज को 180 अंक के साथ 13वां स्थान मिला है। हालांकि पिछले साल की तुलना में यह प्रदर्शन कमजोर रहा। 2025 में प्रयागराज इसी कैटेगरी में 7वें स्थान पर था और उसे 188 अंक मिले थे।यानी एक साल में प्रयागराज की रैंक 6 पायदान नीचे चली गई और स्कोर में भी 8 अंकों की कमी आई।
लखनऊ ने मारी बाजी, इंदौर दूसरे नंबर पर
इस बार 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में लखनऊ नंबर-1 रहा। लखनऊ को 200 में से 198 अंक मिले। इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।भोपाल और आगरा को 192-192 अंक मिले और दोनों संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। सूरत 191 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर रहा।
कौन सा शहर कितने नंबर पर?
शहर रैंक
• लखनऊ 1
• इंदौर 2
• जबलपुर 3
• भोपाल 4
• आगरा 4
• सूरत 5
• रायपुर 6
• ठाणे 7
• चंडीगढ़ 7
• राजकोट 7
• अहमदाबाद 8
• विजयवाड़ा 8
• गाजियाबाद 9
• नवी मुंबई 9
• नागपुर 10
• कानपुर 11
• त्रिची 12
• पुणे 12
• प्रयागराज 13
UP के शहरों में प्रयागराज से आगे कौन?
उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो लखनऊ सबसे आगे रहा। इसके बाद आगरा चौथे, गाजियाबाद नौवें, कानपुर 11वें और प्रयागराज 13वें स्थान पर रहा। मेरठ 22वें और वाराणसी 34वें स्थान पर रहे। यानी यूपी के बड़े शहरों में प्रयागराज का प्रदर्शन ठीक रहा, लेकिन पिछले साल की 7वीं रैंक के मुकाबले इस बार शहर को नीचे जाना पड़ा।
प्रयागराज में प्रदूषण रोकने के लिए क्या हो रहा है?
प्रयागराज नगर निगम सड़क की धूल कम करने के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन जैसी व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और सड़क की धूल पर नियंत्रण के लिए भी काम किए गए हैं। इसके बावजूद रैंकिंग में गिरावट यह बताती है कि इन उपायों को और लगातार मजबूत करने की जरूरत है। शहर की ओवरऑल रैंकिंग भले ही नीचे गई हो, लेकिन वार्ड स्तर पर प्रयागराज ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 10 हजार से 30 हजार आबादी वाले वार्डों की राष्ट्रीय श्रेणी में प्रयागराज के वार्ड नंबर 31 ने तीसरा स्थान हासिल किया है।यानी शहर की पूरी रैंकिंग में गिरावट के बीच स्थानीय स्तर पर कुछ इलाकों के काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।











