गयाजी में पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से 2,500 बेड की टेंट सिटी तैयार की जा रही है। इसके अलावा पर्यटक सूचना केंद्र, हेल्पलाइन, ई-रिक्शा, प्रशिक्षित गाइड और ई-पिंडदान जैसी सुविधाओं की भी तैयारी है। वहीं, विष्णुपद मंदिर के आसपास विश्वस्तरीय कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
गयाजी में पितृपक्ष मेले की तैयारियां तेज
बिहार के गयाजी में हर साल होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर इस बार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने आवासन, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन की बड़ी जिम्मेदारी रहती है।पर्यटन विभाग ने मेले से जुड़ी तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का फोकस श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और व्यवस्थित धार्मिक यात्रा उपलब्ध कराने पर है।
2500 बेड की टेंट सिटी से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2,500 बेड क्षमता वाली टेंट सिटी तैयार की जा रही है। इसका निर्माण बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से कराया जा रहा है।मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यह अस्थायी आवास व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराना है।
अस्थायी सूचना केंद्र और हेल्पलाइन की व्यवस्था
मेले से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र बनाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की जा रही है। इन केंद्रों पर आवास, परिवहन, धार्मिक स्थलों और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी देने की योजना है।
ई-रिक्शा और प्रशिक्षित गाइड भी होंगे उपलब्ध
गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की स्थानीय आवाजाही को आसान बनाने के लिए जरूरत के अनुसार ई-रिक्शा सेवा संचालित की जाएगी। इसके अलावा पर्यटक सूचना केंद्रों और प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षित गाइड तैनात करने की तैयारी है।इन गाइडों के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
ई-पिंडदान से डिजिटल सुविधा का विस्तार
इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-पिंडदान की व्यवस्था भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पर्यटन विभाग की ओर से यात्रा पैकेज उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।इससे गयाजी की धार्मिक यात्रा को आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है।
विष्णुपद मंदिर के आसपास विश्वस्तरीय कॉरिडोर का प्रस्ताव
गयाजी के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के लिए विष्णुपद मंदिर के आसपास विश्वस्तरीय कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसकी तुलना काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर प्रस्तावित विकास से की जा रही है।प्रस्तावित कॉरिडोर का उद्देश्य मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही, दर्शन व्यवस्था, सुविधाओं और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाना है। हालांकि इसे फिलहाल प्रस्तावित योजना के तौर पर ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गयाजी में होने वाले इन विकास कार्यों का उद्देश्य केवल पितृपक्ष मेले की तैयारियों तक सीमित नहीं है। बेहतर आवासन, परिवहन, डिजिटल सेवाओं और धार्मिक स्थलों के विकास के जरिए गयाजी को एक सुविधाजनक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फल्गु नदी तट पर महाआरती की तैयारी
पितृपक्ष मेले के दौरान फल्गु नदी के तट पर महाआरती आयोजित करने की भी तैयारी है। धार्मिक आयोजन के साथ शहर के प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सूचना और मार्गदर्शन व्यवस्था मजबूत करने की योजना है।
मेले से पहले शहर के सौंदर्यीकरण पर भी फोकस
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए गयाजी में शहर के सौंदर्यीकरण पर भी काम चल रहा है। आधिकारिक गयाजी पोर्टल के अनुसार ‘पेंट द सिटी’ अभियान के तहत प्रमुख घाटों और दीवारों को सजाया जा रहा है, ताकि शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।











