प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन और कथित तौर पर आवागमन बाधित करने के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के आधार पर कर्नलगंज पुलिस ने 9 नामजद लोगों समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुख्य गेट पर प्रदर्शन को लेकर कारवाई
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर हो रहे प्रदर्शन का यह मामला मंगलवार शाम का बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलानुशासक यानी चीफ प्रॉक्टर प्रो. पवन कुमार शर्मा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन के दौरान रास्ता इस तरह बाधित किया गया, जिससे सामान्य आवागमन और विश्वविद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हुई।
शिकायत के मुताबिक घटना शाम करीब 5:20 बजे की है विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान मुख्य गेट पर स्थिति ऐसी हो गई ठीक ही आने जाने वाले लोगों और वाहनो को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुलसचिव की गाड़ी रोकने का भी आरोप
मामले में विश्वविद्यालय के कुलसचिव की गाड़ी को रोके जाने का भी आरोप लगाया गया है शिकायत के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कुल सचिव के वाहन को रोकने की कोशिश की और उन्हें वाहन से नीचे उतारने का प्रयास किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, FIR में दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी पुलिस अब घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
9 लोगों के नाम FIR में शामिल
रिपोर्ट के अनुसार FIR में गौरव कुमार, आशुतोष मौर्या, अनुराग यादव, प्रियंशु भूरतिया, आयुष यादव, अमित यादव, रोश कुमार, राकेश कुमार और ऋषिकेश के नाम शामिल है। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच के जिम्मेदारी उपनिरीक्षक अरिहंत जैन को दी है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि प्रदर्शन के दौरान वास्तव में क्या हुआ है। और किन परिस्थितियों में विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बाधित हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर कार्रवाई
इस मामले में FIR विश्वविद्यालय प्रशासन के शिकायत के आधार पर दर्ज हुई है। प्रशासन की ओर से परिसर में सामान्य शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। FIR में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में भी चर्चा बनी हुई है।









