Allahabad University: इलाहाबाद विश्वविद्यालय एक बार फिर देश की न्यायपालिका से जुड़े एक बड़े नाम को लेकर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ फरवरी 2027 में भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने वाले हैं। उनका इलाहाबाद हाई कोर्ट से भी करीब 15 साल का जुड़ाव रहा है। खास बात यह है कि उनकी पत्नी प्रो. संगीता श्रीवास्तव इस समय इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति हैं और सितंबर 2026 में उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त किया गया है। अब 2027 में जस्टिस विक्रम नाथ अगले CJI बनेंगे।
इलाहाबाद से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा सफर
जस्टिस विक्रम नाथ ने अपने न्यायिक करियर का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में बिताया है। उन्होंने 1987 में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में नामांकन कराया। 24 सितंबर 2004 को उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया। फरवरी 2006 में वे स्थायी न्यायाधीश बने और करीब 15 साल तक इलाहाबाद हाई कोर्ट में रहे। इसके बाद सितंबर 2019 में उन्हें गुजरात हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। गुजरात हाई कोर्ट में उनके कार्यकाल की एक खास पहल कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग थी। जस्टिस नाथ को 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
9 फरवरी 2027 में संभालेंगे CJI का पद
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मौजूदा CJI जस्टिस सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस विक्रम नाथ 23 सितंबर 2027 को अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। न्यायिक वरिष्ठता के क्रम के आधार पर वे 10 फरवरी 2027 से CJI पद संभालने वाले हैं। इसका मतलब यह भी है कि उनका CJI के रूप में कार्यकाल करीब सात महीने का होगा।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से क्या है कनेक्शन?
जस्टिस विक्रम नाथ का इलाहाबाद से सिर्फ न्यायिक जुड़ाव ही नहीं है। उनकी पत्नी प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन्हें सितंबर 2026 में विश्वविद्यालय के VC के रूप में दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी जस्टिस विक्रम नाथ और प्रो. संगीता श्रीवास्तव को पति-पत्नी के रूप में दर्ज किया गया है।
संगीता श्रीवास्तव के नाम भी जुड़ा बड़ा रिकॉर्ड
प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने नवंबर 2020 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की नियमित कुलपति के रूप में पद संभाला था। वह विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति बनी थीं। अब दूसरे कार्यकाल के साथ वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इतिहास में दूसरी बार पूर्ण कार्यकाल पाने वाली पहली कुलपति बन गई हैं। उनका नया कार्यकाल 16 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है और पांच साल या 70 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में भी संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारियां
जस्टिस विक्रम नाथ सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के चेयरपर्सन हैं और मई 2025 से इस जिम्मेदारी में हैं। वे नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी यानी NALSA के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी। सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी और NALSA से जुड़े एक कार्यक्रम में भी उनकी भूमिका रही, जिसमें देशभर में कानूनी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए Mobile eSewa Vans की शुरुआत की गई।
इलाहाबाद के लिए क्यों खास है यह खबर?
जस्टिस विक्रम नाथ का इलाहाबाद हाई कोर्ट से लंबा जुड़ाव और अब CJI बनने की उनकी बारी, दोनों वजहों से प्रयागराज और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। एक तरफ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को दूसरा कार्यकाल मिला है, वहीं उनके पति जस्टिस विक्रम नाथ फरवरी 2027 में देश की सर्वोच्च अदालत के प्रमुख बनने वाले हैं। इस तरह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और देश की न्यायपालिका का यह जुड़ाव एक बार फिर चर्चा में है।









