उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। IMD के मुताबिक 26 सितंबर को पश्चिमी यूपी में अत्यधिक भारी बारिश और पूर्वी यूपी में भी बारिश की संभावना है। बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। कई जिलों के वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा भी जताया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है और 26 सितंबर को भी कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में भी 25-26 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधि सक्रिय रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य के कई संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
इन जिलों में ज्यादा बारिश की आशंका
पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बस्ती, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रयागराज और फतेहपुर समेत कई जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लखनऊ भी प्रभावित जिलों में शामिल है। इसका मतलब है कि बारिश का असर केवल पूर्वी यूपी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
कितने किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके
बारिश के साथ तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। IMD के अनुसार 26 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40–50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। पूर्वी यूपी में भी 25-26 सितंबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ मीडिया रिपोर्टों, के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 70-80 किमी/घंटे तक की तेज हवाओं का उल्लेख किया गया है। लेकिन इसे पूरे उत्तर प्रदेश पर लागू करना सही नहीं होगा। अलग-अलग राज्यों में हवा की स्थिति अलग हो सकती है।
अचानक बाढ़ का भी खतरा
लगातार और तेज बारिश के कारण यूपी के कई वाटरशेड क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है। आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, फतेहपुर, कौशांबी और चित्रकूट समेत कई इलाकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है प्रशासन को निचले इलाकों, नदियों और नालों के आसपास निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश की वजह क्या है?
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से आया गहरा दबाव (Deep Depression) प्रमुख कारणों में से एक है। यह सिस्टम तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास से आगे बढ़कर देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर आया, जिसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ीं।लखनऊ के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी राज्य के वातावरण में पहुंच रही है। इससे बादलों का निर्माण और बारिश का दौर बार-बार मजबूत हो रहा है।
मानसून की विदाई शुरू, फिर भी बारिश क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि देश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। आजतक के मुताबिक IMD ने 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान और 23 सितंबर को दिल्ली के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी की घोषणा की थी। हालांकि मानसून पूरे देश से एक साथ वापस नहीं जाता। उत्तर प्रदेश में भी पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने के बावजूद बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम ने बारिश को फिर सक्रिय कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के इस दौर के बाद मानसून की वापसी आगे बढ़ सकती है।
तापमान में भी आएगी गिरावट
बारिश और बादलों के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में भी गिरावट की संभावना है। IMD के अनुसार अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान लगभग 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। लखनऊ में भी बादल छाए रहने, बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अनुमान है।
सिर्फ यूपी ही नहीं, इन राज्यों में भी बारिश का असर
26 सितंबर को मौसम की सक्रियता केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। IMD ने उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में भारी बारिश की संभावना बताई है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। दिल्ली में भी 26 सितंबर से बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक तथा तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।












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