विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 139 रन की पारी खेली 88 गेंदों के दौरान कोहली ने तेज बल्लेबाजी के साथ कई बेहतरीन शॉर्ट लगाएं और भारत को 296 रन के लक्ष्य तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने यह मुकाबला 8 विकेट से आपने नाम किया। इसी पारी के दौरान कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन भी पूरे कर लिए।
रिकॉर्ड से ज्यादा टीम के लिए योगदान पर ध्यान
विराट कोहली ने 15 हजार ODI रन का आंकड़ा छूने के बाद कहा कि उनका मुख्य ध्यान कभी भी व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं रहा। उनके मुताबिक वह मैच की परिस्थितियों को समझकर टीम की जरूरत के हिसाब से योगदान देने पर ध्यान देते है। उन्होंने इतने लंबे समय तक भारत के लिए खेलने को लेकर खुद को बेहद आभारी और भाग्यशाली बताया।
करियर में ‘नया वर्जन’ लाने की की कोशिश
विराट कोहली ने अपने मौजूदा बल्लेबाजी अंदाज को लेकर भी बड़ी बात कही उन्होंने बताया कि करियर के इस शरण में उनके सामने खुद को एक-दो गियर ऊपर ले जाने की चुनौती है। उनका लक्ष्य तेज रन बनाने के साथ-साथ अपने खेल को और बेहतर तरीके से समझना और मैदान पर उसे लागू करना है। इस प्रक्रिया को अपने करियर का “नया वर्जन” खोलने जैसा बताया।
फिटनेस और मानसिक ताजगी को बताया अहम
कोहली ने यह भी संकेत दिया कि बेहतर बल्लेबाजी के लिए शारीरिक फिटनेस और मानसिक रूप से तरोताजा रहना जरूरी है। उनका मानना है कि जब शरीर फिट और दिमाग स्वतंत्र रहता है, तब खिलाड़ी अपने खेल की बेहतर कल्पना करके उसे मैदान पर लागू कर सकता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी पारी में भी यही आकर्मक और सकारात्मक अंदाज देखने को मिला।
अगले विश्व कप पर नजर
विराट कोहली ने अगले साल होने वाले ODI विश्व कप को अपने लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा की अभी उन्हें खेल के अलग-अलग पहलुओं पर काम करना है। उनका फोकस हर मैच में उर्जा बनाए रखने, रन बनाने और मैदान पर हर दिन का आनंद लेने पर है, उन्होंने यह भी कहा कि प्रसिद्धि और बाहरी चर्चा के बजाय खीलाड़ी को अपने खेल और मेहनत पर ध्यान देना चाहिए।









