बॉम्बे: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पुणे स्थित सिप्ला की C&F यूनिट का ड्रग सेल लाइसेंस रद्द करने का आदेश वापस ले लिया है। यह फैसला बॉम्बे हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद आया। कोर्ट ने FDA की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी को उचित सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। अब FDA सिप्ला को नया शो-कॉज नोटिस जारी कर दोबारा फैसला लेगा। और FDA का लिया हुआ फैसला रद्द किया।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बदला फैसला
महाराष्ट्र FDA ने पुणे के वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज की C&F यूनिट का ड्रग बिक्री लाइसेंस रद्द किया था। इसके बाद कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने FDA की कार्रवाई को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई को “हद से आगे बढ़ने वाली” और “मनमाने तरीके से की गई कार्रवाई” बताया।महाराष्ट्र FDA ने शनिवार को अपना फैसला वापस ले लिया।
FDA प्रमुख तुकाराम मुंडे ने क्यों किया लाइसेंस रद्द?
मामला सिप्ला की Reactin Plus Tablets से जुड़ा है। FDA के अनुसार जून में वाडकी स्थित गोदाम के निरीक्षण के दौरान दवा की पैकेजिंग पर ऐसे शब्द पाए गए जिन्हें नियामक ने अनधिकृत प्रचारात्मक जानकारी माना। इसके बाद करीब 11.19 लाख रुपये का स्टॉक जब्त किया गया और बाजार से दवा वापस लेने के निर्देश दिए गए। FDA की बाद की जांच में दवाओं के स्टॉक और रिकॉर्ड में अंतर, स्टोरेज व्यवस्था में कमियां, पर्याप्त रैक और पैलेट की कमी तथा एक्सपायर्ड दवाओं से जुड़े रिकॉर्ड में खामियों का भी आरोप लगाया गया। इन्हीं आधारों पर नियामक ने लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की थी।
हाईकोर्ट ने FDA की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सिप्ला की ओर से हाई कोर्ट में कहा गया कि सुनवाई के लिए कंपनी को ऐसे दिन बुलाया गया था जो महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश था। कंपनी ने समय मांगा, लेकिन इसके बावजूद लाइसेंस रद्द करने का आदेश पारित कर दिया गया। हाईकोर्ट ने माना कि इस प्रक्रिया में कंपनी को उचित अवसर देने के सिद्धांत का पालन नहीं हुआ। जिसके बाद FDA ने लाइसेंस रद्द करने का आदेश तत्काल वापस लेने की बात कही। अब कंपनी को नया शो-कॉज नोटिस दिया जाएगा।
सिप्ला ने क्या कहा?
सिप्ला ने FDA के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि मामला न्यायिक विचाराधीन है। कंपनी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि FDA की कार्रवाई में उसकी दवाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता या प्रभावशीलता को लेकर कोई चिंता नहीं बताई गई थी। फिलहाल लाइसेंस रद्द करने वाला पिछला आदेश वापस हो चुका है, लेकिन FDA की ओर से लगाए गए कथित नियम उल्लंघनों पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।












