रांची: झारखंड के राजधानी रांची में प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने मौन मार्च निकाला। मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ जो कि एलबर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। छात्रों ने बिना नारेबाजी के शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर लाठीचार्ज के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जाना उचित नहीं है।
आखिर क्यों निकला छात्रों का मौन मार्च?
बहुत दिनों से चल रहे प्रोटेस्ट में, जिसने ओ10 अगस्त को छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा भवन की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्रों का आरोप है कि कार्रवाई दिन में शुरू हुई और रात के अंधेरे में भी लाठीचार्ज किया गया, जिसके विरोध में अगले दिन छात्रों ने मौन मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
खामोशी कमजोरी नहीं, विरोध का संदेश है
मार्च के दौरान छात्रों ने अपनी चुप्पी के जरिए प्रशासन और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। छात्रों का संदेश था कि यह मौन उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ विरोध है जो युवाओं की आवाज को दबाने के लिए लाठी का सहारा लेती है।छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए लाठीचार्ज की घटना पर सवाल उठाए और अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखने का संदेश दिया। मौन मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा।












