तमिलनाडु: मानसून के बीच डेंगू संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 तक राज्य में डेंगू के 16,577 मामले सामने आ चुके थे। और बीमारी में 9 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक बदलते मौसम और मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में निगरानी और रोकथाम की ओर मजबूती रखना जरूरी है।
एक दिन में 244 नए मरीज
तमिलनाडु में लगातार डेंगू के मरीज बढ़ाते जा रहे हैं। 18 सितंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार 17 सितंबर को तमिलनाडु में 224 नए डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई अकेले चेन्नई में एक दिन के दौरान बुखार के कारण अस्पताल पहुंचे 87 लोगों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा कोयंबटूर, ईरोड, तिरुपुर, समेत कृष्णागिरी, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम समेत कई जिलों में भी संक्रमण के मामले सामने आ रहे है।
25 हज़ार से ज्यादा कर्मचारी अभियान में जुटे
तमिलनाडु में डेंगू की रोकथाम के लिए तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर में 25 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मच्छर नियंत्रण अभियान में लगाया है टीमें घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों की पहचान कर रही है। और जमा पानी को हटाने के लिए साफ-सफाई पर भी जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को भी प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की
तमिलनाडु में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री के. जी. अरुणराज ने कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है उन्होंने मच्छर नियंत्रण अभियान में जनता से सहयोग की अपील की है। प्रशासन की ओर से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू का प्रसार मौसमी परिस्थितियों से प्रभावित होता है इसलिए बारिश के बाद जमा होने वाले पानी को हटाना मच्छरों के प्रजनन को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगातार या बिगड़ते बुखार की स्थितियों मे लोगों को डॉक्टर से सलाह लेने की और विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
तमिलनाडु में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और स्थानीय प्रशासन को बुखार के मामलों पर नजर रखने तथा जरूरत के अनुसार जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है की रोकथाम के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।











