तमिलनाडु में निजी बस ऑपरेटर की ओर से प्रस्तावित 24 घंटे की हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। निजी बस मालिकों के संगठन ने 29 सितंबर की आधी रात को 30 सितंबर की आधी रात तक बस सेवाएँ बंद रखने का ऐलान किया था। हालांकि, मंगलवार को राज्य सरकार के मंत्रियों की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद संगठन ने हड़ताल टालने का फैसला किया।
क्या थी निजी बस ऑपरेटरों की मांगे
निजी बस संचालक लंबे समय से यात्री किराए में संशोधन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि किराए में आखिरी बदलाव 2018 में हुआ था। जबकि, इस दौरान डीजल और बस संचालक से जुड़े खर्च काफी बढ़ गए हैं। ऑपरेटर ने सरकार से निजी बसों के लिए भी उचित किराया तय करने की मांग की है।
मुफ्त यात्रा योजना को लेकर भी आपत्ति
ऑपरेटर के दूसरी प्रमुख मांग सरकार की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना से जुड़ी है। निजी बस मालिक चाहते हैं कि यदि इस तरह की सुविधा निजी बसों में भी लागू की जाती है तो सरकार उन्हें इसके बदले सब्सिडी या मुआवजा दे। उनका तर्क है कि सरकारी बसों को इस तरह की योजनाओं के लिए सरकारी सहायता मिलती है, जबकि निजी बस संचालकों को ऐसी सहायता नहीं मिलती।
अब क्या होगा
सरकार की ओर से मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद निजी बस ऑपरेटरों ने फिलहाल हड़ताल स्थित कर दी है। इसका मतलब है कि प्रस्तावित 24 घंटे की बस बंदी तत्काल प्रभाव से टल गई है। आगे सरकार और निजी बस संगठनों के बीच बातचीत के आधार पर किराया और मुफ्त यात्रा योजना से जुड़े मुद्दों पर फैसला हो सकता है।











