प्रयागराज: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बहुत दिनों से हो रहे प्रोटेस्ट को लेकर विश्वविद्यालय के तरफ से कोई भी जवाब न मिलने पर,13 अगस्त को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। छात्र सीटों में कटौती, फीस बढ़ोतरी और छात्रसंघ बहाली समेत कई मांगों को लेकर मार्च करते हुए कुलपति (VC) कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में जुटे। प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में परिसर में छात्रों की भीड़ और सुरक्षा कर्मियों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है।
आखिर क्यों कर रहे छात्र प्रोटेस्ट?
छात्रों का प्रदर्शन का मुख्य कारण है, फीस बढ़ोतरी, सीटों में कटौती और छात्रसंघ बहाली समेत कई मांगों को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार प्रदर्शन और अपनी मांगें रखने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। छात्रों का कहना है कि 6000 सीटे कम की गई है, वही 10% cuet के छात्रों के लिए और 14% से cuet पीजी के छात्रों के फीस में बढ़ोतरी हुई है।
मार्च के दौरान छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि आंदोलन को खराब करने के लिए कुछ बाहरी या अराजक तत्वों ने भीड़ में शामिल होकर मारपीट की। छात्रों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। वही छात्रों का आरोप ये भी है कि VC ऑफिस की ओर बढ़ रहे छात्रों की भीड़ के बीच में छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और विवाद देखने को मिला।
DSP के भरोसे के बाद कुछ समय के लिए रुका प्रदर्शन
मामले को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। छात्रों के अनुसार, DSP की ओर से मामले को लेकर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया गया, व विश्वविद्यालय परिसर को इन विषयों पर सोचने का समय मांगा है। जिसके बाद आंदोलन को कुछ समय के लिए रोकने की बात कही गई। हालांकि, छात्र अपनी मूल मांगों को लेकर अब भी प्रशासन से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।












